Tuesday, October 27, 2026

Kasganj: गांधी जयंती पर पानी बचाने के संदेश को आईना, गंजडुंडवारा में टूटी पाइपलाइन से बह रहा हजारों लीटर पानी

लेखक: udit kumar | Category: उत्तर प्रदेश | Published: October 2, 2026

Kasganj: गांधी जयंती पर पानी बचाने के संदेश को आईना, गंजडुंडवारा में टूटी पाइपलाइन से बह रहा हजारों लीटर पानी

सड़क निर्माण के लिए लाखों के टेंडर, लेकिन लीकेज दुरुस्त कराने की सुध नहीं; नई सड़क से पहले पुरानी पाइपलाइन की मरम्मत की जरूरत

जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)

गंजडुंडवारा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शुक्रवार को देशभर में स्वच्छता, सादगी और सार्वजनिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। गांधी जी का मानना था कि “पृथ्वी हर व्यक्ति की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन हर व्यक्ति के लालच के लिए नहीं।” वहीं गंजडुंडवारा में गांधी जयंती के दिन व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो इन संदेशों को आईना दिखाती नजर आती है। नगर के सुदामा परी रोड समेत कई मार्गों पर सड़क निर्माण की कवायद शुरू हो गई है, टेंडर उठाए जा चुके हैं और लाखों रुपये खर्च किए जाने की तैयारी है, लेकिन इन्हीं रास्तों पर जगह-जगह फूटी पेयजल पाइपलाइन से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बहकर बर्बाद हो रहा है।


स्थिति यह है कि पाइपलाइन लीकेज से निकलने वाला पानी सड़क और आसपास के हिस्सों में फैल रहा है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर यही पानी आसपास के घरों और रास्तों तक पहुंच रहा है। इससे पेयजल के दूषित होने और जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद जलकल विभाग और पालिका प्रशासन की ओर से पाइपलाइन लीकेज को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने की कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।


एक तरफ पालिका प्रशासन सड़क निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करने की तैयारी में है तो दूसरी तरफ पेयजल लाइन की बदहाल स्थिति सरकारी व्यवस्था के बीच समन्वय पर सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क बनने वाली है तो उससे पहले उसके नीचे और आसपास की पाइपलाइन की जांच क्यों नहीं कराई जा रही है। यदि नई सड़क बनने के बाद पाइपलाइन फूटी तो मरम्मत के लिए सड़क को दोबारा खोदना पड़ेगा। ऐसे में सड़क निर्माण पर खर्च होने वाली रकम के बाद पाइपलाइन मरम्मत में फिर सड़क काटने से सरकारी धन और नई बनी सड़क दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

इन सड़कों पर खर्च होंगे लाखों रुपये

पालिका की ओर से वार्ड-10 मोहल्ला केवल सुदामापुरी रोड पर गौरव बुक डिपो से भीतम सिंह की दुकान तक आरसीसी सड़क निर्माण कार्य के लिए 15,72,380 रुपये की लागत निर्धारित की गई है। ग्रामीण बैंक से शाहिद की दुकान तक आरसीसी सड़क निर्माण के लिए 16,64,194 रुपये, लड़ती इलेक्ट्रिकल्स की दुकान से शिब्बू इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान तक आरसीसी सड़क निर्माण के लिए 18,62,507 रुपये तथा भारत स्टूडियो से प्रकाश भवन तक आरसीसी सड़क निर्माण के लिए 19,30,826 रुपये की लागत रखी गई है। इन कार्यों की निर्माण अवधि 15 दिन दर्शाई गई है। जबकि शर्त मे यह कार्य गड्डा मुक्ति अभियान के तहत 7 अक्टूबर तक पूर्ण किए जाने हैं। इस शर्त को लेकर पालिका प्रशासन पहले से ही सवालों के घेरे में है और टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठ चुका है। लेकिन इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण कर दिया गया है।

सड़क का टेंडर पहले, पाइपलाइन की चिंता बाद में

नगरवासियों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को बेहतर सड़क और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि सड़क निर्माण से पहले पेयजल पाइपलाइन की लीकेज ठीक नहीं की गई तो नई सड़क की उम्र और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। पाइपलाइन से लगातार पानी बहने के कारण सड़क के नीचे मिट्टी कमजोर होने की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में सड़क निर्माण से पहले संबंधित विभाग को पाइपलाइन की पूरी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत करानी चाहिए।

गांधी जयंती पर सवाल—बापू का पानी बचाने का संदेश, जिम्मेदारों को कब सुनाई देगा?

2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर स्वच्छता और संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। गांधी जी ने स्वच्छता को अपने सार्वजनिक जीवन में विशेष महत्व दिया था और उनका जीवन सादगी तथा संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का उदाहरण रहा। ऐसे दिन नगर में पेयजल का लगातार बहना महज पानी की बर्बादी का मामला नहीं, बल्कि व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़ा करता है।

एक ओर गांधी जयंती पर लोगों को स्वच्छता और पानी बचाने का संदेश दिया जाएगा, दूसरी ओर नगर की सड़कों पर हजारों लीटर पानी नालियों और रास्तों में बहता रहेगा तो संदेश और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ दिखाई देगा।

अब सवाल जलकल विभाग और पालिका प्रशासन से है कि क्या नई सड़क बनने का इंतजार किया जा रहा है ताकि उसके बाद पाइपलाइन ठीक करने के लिए नई सड़क को खोदा जा सके या फिर गांधी जयंती के दिन ही जिम्मेदार विभाग इस बर्बाद हो रहे पानी को रोकने की पहल करेगा?

नगरवासियों की मांग है कि सड़क निर्माण शुरू होने से पहले संबंधित मार्गों की पेयजल पाइपलाइनों का सर्वे कराया जाए, सभी लीकेज तत्काल ठीक कराए जाएं और उसके बाद ही सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि विकास के नाम पर एक ही काम के लिए सरकारी धन दोबारा खर्च करने की स्थिति न बने।

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