जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। आवास विकास कॉलोनी निवासी चन्द्रपाल सिंह चौहान का 16 वर्षीय बेटा मयंक सिंह चौहान उर्फ मनु गत सात अगस्त की रात घर से बिना बताए निकल गया था। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है। शनिवार तीन अक्टूबर तक 57 दिन बीत जाने के बाद भी मयंक के वापस नहीं लौटने से परिजन बेहद परेशान हैं और उसकी तलाश में वृंदावन की गलियों से लेकर कोतवाली और आसपास के क्षेत्रों तक लगातार भटक रहे हैं।
वैसे पिता चन्द्रपाल सिंह द्वारा दर्ज कराई गई गुमशुदगी के अनुसार उनका बेटा सात अगस्त की रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच घर से चला गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो उन्होंने कासगंज थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन और दिल्ली सहित संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। परिजनों ने रिश्तेदारों और मयंक के साथ पढ़ने वाले सहपाठियों से भी उसके संबंध में जानकारी जुटाई, मगर कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
मयंक के कमरे से एक पत्र भी मिला था, जिसमें उसने दिल्ली जाकर नौकरी करने की बात लिखी थी। हालांकि मयंक की उम्र महज 16 वर्ष होने के कारण परिजन इस संभावना को लेकर भी आशंकित हैं। वहीं मयंक की संत प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था थी और वह नियमित रूप से नाम-जाप करता था। इसी धार्मिक रुचि के चलते पिता को आशंका है कि वह वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम या उसके आसपास कहीं रुक गया हो सकता है।
मयंक के लापता होने के 57 दिन बाद भी उसका कोई पता नहीं चलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। जिसके चलते परिजन वृंदावन कोतवाली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित आश्रम प्रबंधन से अपील की है कि मयंक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, स्थानीय सूचना तंत्र और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद ली जाए, ताकि नाबालिग मयंक का सुरक्षित पता लगाया जा सके और वह अपने परिवार के पास लौट सके।
परिजनों ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को मयंक सिंह चौहान उर्फ मनु के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या उसके परिजनों को सूचना दें।