जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। जिले के सोरों क्षेत्र के महाराजपुर में अवैध खनन रोकने पहुंचे नायब तहसीलदार और उनके ड्राइवर के साथ अभद्रता करने, मोबाइल छीनने और पकड़े गए वाहनों को जबरन छुड़ाकर ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आठ से दस लोगों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया और चार ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा एक लोडर को जबरन वहां से ले गए। नायब तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोरों के नायब तहसीलदार सुरेश बाबू की ओर से दर्ज कराई गई तहरीर के अनुसार, छह अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:50 बजे वह महाराजपुर क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान मुख्य मार्ग से लगभग 100 मीटर की दूरी पर अवैध खनन होता दिखाई दिया। इस पर उन्होंने अपने ड्राइवर जीतू को वाहन उस ओर ले जाने के लिए कहा। मौके पर पहुंचकर जब उन्होंने खनन में लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की तो वहां आठ से दस लोग एकत्र हो गए।
आरोप है कि भीड़ ने नायब तहसीलदार और उनके ड्राइवर के साथ अभद्रता की तथा कार्रवाई में बाधा डालते हुए पकड़े गए वाहनों को जबरन छुड़ा लिया। इस दौरान ड्राइवर जीतू का मोबाइल भी छीन लिया गया। आरोपी चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक लोडर को लेकर मौके से चले गए। घटना के बाद सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है।
एफआईआर में चार नामजद, पांच से छह अज्ञात पर आरोप
तहरीर में राहुल राजपूत को लोडर का मालिक, जबकि विकास यादव और दिलीप को ट्रैक्टर-ट्रॉली का मालिक बताया गया है। इसके अलावा राजा नाम के व्यक्ति पर अभद्रता और दबंगई करने का आरोप लगाया गया है। मामले में पांच से छह अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। तहरीर के मुताबिक, नायब तहसीलदार के पास घटना से संबंधित पांच लोगों के फोटो और वीडियो फुटेज भी उपलब्ध हैं, जो जांच में अहम साक्ष्य हो सकते हैं।
उपनिरीक्षक को सौंपी गई जांच
सोरों थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। विवेचना उपनिरीक्षक किशन सिंह मीणा को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना ने क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए की जा रही कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की सुरक्षा और सरकारी कार्य में बाधा के सवाल को भी सामने ला दिया है।