शुक्रवार को विधालय मे कम छात्र उपस्थिति पर विशेष अभियान चलाने एवं सीएचसी के निरीक्षण में बंद मिले ऑक्सीजन प्लांट पर आपरेटर नियुक्ति हेतु पत्राचार के निर्देश
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। आकांक्षी विकासखंडों में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखने के लिए शासन स्तर से अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम मे विकास क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की हकीकत परखने निकले विशेष सचिव मृदुल चौधरी को शुक्रवार को सुजावलपुर के प्राथमिक विद्यालय में छात्र उपस्थिति की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। विद्यालय में नामांकित बच्चों के सापेक्ष महज 30 से 40 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही उपस्थित मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने और अभिभावकों से लगातार संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं, लेकिन ऑपरेटर की नियुक्ति न होने से ऑक्सीजन प्लांट बंद पाया गया।
विशेष सचिव ने सुजावलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर शैक्षिक व्यवस्थाओं और छात्र उपस्थिति का जायजा लिया। शुक्रवार को बच्चों की कम उपस्थिति देखकर उन्होंने विद्यालय स्टाफ से जानकारी ली। स्टाफ ने बताया कि शुक्रवार को अक्सर बच्चों की उपस्थिति कम रहती है। इस पर विशेष सचिव ने स्पष्ट किया कि सप्ताह के किसी भी दिन विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और अभिभावकों से संवाद कर उन्हें बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भी स्थिति से अवगत कराने और समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। विशेष सचिव ने जोर दिया कि विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों का लाभ तभी मिल सकेगा, जब बच्चे नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होंगे।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। परिसर में साफ-सफाई ठीक थी, मध्याह्न भोजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध था और रसोईघर व्यवस्थित मिला। पेयजल व्यवस्था भी दुरुस्त पाई गई। बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट लैब की सुविधा भी उपलब्ध मिली। हालांकि, इन व्यवस्थाओं के बीच कम छात्र उपस्थिति ने शिक्षा विभाग के सामने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की चुनौती को उजागर कर दिया।
वही सचिव मृदुल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भी पहुंचे और वहां स्वास्थ्य सेवाओं तथा उपलब्ध संसाधनों का निरीक्षण किया। सीएचसी पहुंचने पर केंद्र के प्रमुख डॉ. आकाश ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र की अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर की नियुक्ति न होने के कारण प्लांट बंद पाया गया। इस पर विशेष सचिव ने संबंधित अधिकारियों को विभागीय पत्राचार के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि ऑपरेटर की नियुक्ति से जुड़ी समस्या का समाधान कर ऑक्सीजन प्लांट का संचालन शुरू कराया जा सके।
आकांक्षी विकासखंडों में शासन स्तर से किए जा रहे निरीक्षणों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का आकलन कर कमियों को दूर करना है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।