सीएमओ ने पुरानी टीम को किया भंग, अवैध क्लीनिक, नर्सिंग होम और लैब पर कार्रवाई की जिम्मेदारी नए अधिकारी को सौंपी
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। जिले में झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध रूप से संचालित क्लीनिक, नर्सिंग होम व पैथोलॉजी लैब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने पूर्व में गठित टीम को तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए डॉ. मदन कुमार को नया नोडल अधिकारी नामित किया है। विभाग के इस फैसले के बाद अब अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी नए अधिकारी के हाथों में होगी।
जिले में झोलाछाप और अपंजीकृत चिकित्सकों के साथ ही बिना पंजीकरण संचालित स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले एक टीम गठित की थी। इसमें डॉ. कुंवर उत्कर्ष यादव को नोडल अधिकारी बनाया गया था। उनके साथ धर्मेंद्र यादव को डीपीसी, विमल कुमार को डीईओ और संजय दीक्षित को डीजीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस टीम के माध्यम से शिकायतों पर जांच और छापेमारी की कार्रवाई की जानी थी।
अब सीएमओ ने पुरानी टीम को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू कर दी है। डॉ. मदन कुमार को नोडल अधिकारी बनाए जाने के बाद जिले में झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी उनके पास होगी। हालांकि, नई टीम में अन्य सदस्यों की तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
गौरतलब है कि बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित चिकित्सा केंद्र मरीजों की सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे में इन पर प्रभावी निगरानी और शिकायतों के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। अब नोडल अधिकारी में बदलाव के बाद स्वास्थ्य विभाग का अभियान किस गति से आगे बढ़ता है और अवैध रूप से संचालित संस्थानों पर कितनी सख्ती होती है, यह देखना अहम होगा।