मिशन निदेशक के निर्देश पर 17 अक्टूबर तक चलेगा निरीक्षण अभियान, कमियां चिह्नित कर शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। मिशन निदेशक के निर्देश पर 12 से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और हेल्थ सब सेंटरों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए जिला स्तर पर सात टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें अलग-अलग ब्लॉकों में भेजकर स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षण में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती से लेकर अन्य जरूरी सुविधाओं की पड़ताल की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को दर्ज कर उनकी रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक सुधार के लिए कदम उठाए जा सकें।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) पवन कुमार और जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक मुहम्मद यूसुफ ने बताया कि राज्य स्तर से मिशन निदेशक की ओर से जारी निर्देशों के क्रम में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध संसाधनों और निर्धारित मानकों के बीच अंतर का आकलन करना है। इसके लिए निरीक्षण टीमें प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लेकर गैप एनालिसिस करेंगी। इसमें यह देखा जाएगा कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं और जहां कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए किन कदमों की आवश्यकता है।
दवाओं से लेकर उपकरणों तक की होगी पड़ताल
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही स्टाफ से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी भी जुटाई जाएगी। टीमों की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं और किन संसाधनों की कमी है। इस प्रक्रिया से स्वास्थ्य संस्थानों में मौजूद कमियों को व्यवस्थित तरीके से चिह्नित करने में मदद मिलेगी।
सात टीमें, प्रत्येक ब्लॉक तक पहुंचेगा निरीक्षण
जिला स्तर से गठित सात टीमें जिले के प्रत्येक ब्लॉक में जाकर स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। अभियान के तहत सीएचसी और पीएचसी के साथ स्वास्थ्य उपकेंद्रों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण केवल व्यवस्थाओं का जायजा लेने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कमियों की पहचान भी की जाएगी। इससे ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
प्रदेश स्तर पर भेजी जाएगी रिपोर्ट
निरीक्षण के बाद दवाओं, उपकरणों और स्टाफ से संबंधित जानकारी संकलित कर रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर भेजी जाएगी। इसके आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों पर सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की दिशा तय की जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने और मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की कवायद का हिस्सा है।