जांच में कार्य अधूरे छोड़ने का खुलासा, दो कार्यों में 1.35 लाख रुपये की वसूली के निर्देश
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
पटियाली। विकास खंड पटियाली की ग्राम पंचायत कनेशर नगला डालू में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिला स्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति ने सात विकास कार्यों में 12.43 लाख रुपये की धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार ने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और अवर अभियंता (जेई) को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, दो कार्यों में अनियमितता के सापेक्ष 1.35 लाख रुपये की वसूली निर्धारित की गई है।
मामले की शिकायत गांव निवासी अनिल कुमार मिश्रा ने भारत सरकार के सीपी ग्राम पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गांव के तालाब से सुतिया तालाब तक नाली निर्माण और नीलेश के घर से स्कूल तक इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण के नाम पर बिना काम कराए ही धनराशि निकाल ली गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला स्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति की जांच में सात विकास कार्यों के लिए 12,43,231.66 रुपये की धनराशि निकालने और कार्य अधूरे छोड़ने की पुष्टि हुई।
खंड विकास अधिकारी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, दो कार्यों में कुल 4,07,147.27 रुपये की धनराशि निकाली गई थी। इन कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुसार 1,35,351.76 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई है। इसमें तालाब निर्माण से संबंधित कार्य में 41,737.90 रुपये और इंटरलॉकिंग कार्य में 93,977.86 रुपये की वसूली शामिल है। संबंधित ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और अवर अभियंता से दो दिन के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि ग्राम पंचायत कनेशर नगला डालू में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिला स्तरीय जांच समिति ने मामले की जांच कर दोषी ग्राम प्रधान और संबंधित कर्मियों से धनराशि की वसूली की संस्तुति की है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।