अपनों का शव देख बिलख पड़े परिजन; विधायक हरिओम वर्मा ने गांव पहुंचकर बंधाया ढांढस
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
सिढ़पुरा। दस माह की नातिन का मुंडन कराने और जांत की रस्म पूरी करने के लिए घर से निकले परिवार को क्या पता था कि यह यात्रा जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बन जाएगी। बुलंदशहर के नरौरा थाना क्षेत्र में ईको वैन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी। हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए थे। शुक्रवार देर रात जब मृतकों के शव सिढपुरा के दहेली बुजुर्ग गांव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। एक ही परिवार के चार शव एक साथ पहुंचे तो परिजनों का कलेजा कांप उठा। मासूम प्रगति, उसके पिता लोकेन्द्र उर्फ टिंकू, दादा रामदीन और बड़ी बहू बबिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दूसरे परिवार के शिवशेखर मिश्रा का शव भी एंबुलेंस से उनके घर पहुंचा। अपनों के शव देखते ही परिजन बिलख पड़े और पूरे गांव में मातम छा गया।
परिजनों के मुताबिक, परिवार के लोग शुक्रवार सुबह करीब छह बजे ईको वैन से दस माह की बच्ची प्रगति का मुंडन कराने और जांत की रस्म पूरी करने के लिए निकले थे। करनवास और खैरावाद में रस्म पूरी करने के बाद वे बेलोन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान नरौरा थाना क्षेत्र में रतनपुर के पास उनकी ईको वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े जामुन के पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी में सवार पांच लोगों की जान चली गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। धार्मिक रस्मों और खुशियों की उम्मीद लेकर निकले परिवार के लिए यह सफर कभी न भूलने वाला दुख बन गया।
देर रात गांव पहुंचे शव, हर तरफ मचा विलाप
हादसे की सूचना मिलने के बाद से ही दहेली बुजुर्ग गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे परिजनों को हादसे की जानकारी मिली तो परिवार के सदस्य और ग्रामीण घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। बुलंदशहर में पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद देर रात एंबुलेंस से शव गांव लाए गए। एक ही परिवार के रामदीन, उनके बेटे लोकेन्द्र उर्फ टिंकू, बड़ी बहू बबिता और दस माह की मासूम प्रगति के शव एक साथ पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया। दूसरे परिवार के शिवशेखर मिश्रा का शव भी उनके घर पहुंचा। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। मासूम बच्ची की मौत से हर कोई स्तब्ध था। गांव में हर ओर मातम पसरा रहा।
जानकारी मिलने पर विधायक हरिओम वर्मा भी रात में ही गांव पहुंच गए। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। स्थानीय पुलिस भी गांव में तैनात रही। क्षेत्रीय लेखपाल अमित सक्सेना और नरेंद्र ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और रिपोर्ट तहसील भेजी।
पिता-पुत्र, बहू और मासूम नातिन की मौत से उजड़ा परिवार
हादसे में रामदीन, उनके बेटे लोकेन्द्र उर्फ टिंकू, दस माह की प्रगति और परिवार की बड़ी बहू बबिता की मौत हो गई। इसके अलावा ईको वैन चला रहे शिवशेखर पुत्र महेश्वर ने भी दम तोड़ दिया। बताया गया कि रामदीन के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। उनके बड़े बेटे प्रवीण और दूसरे बेटे संजय दिल्ली में रहते हैं, जबकि तीसरे बेटे लोकेन्द्र की हादसे में मौत हो गई। लोकेन्द्र की दस माह की बेटी प्रगति और परिवार की बड़ी बहू बबिता को भी हादसे ने छीन लिया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से घर की खुशियां उजड़ गईं।
वहीं, मृतक शिवशेखर निजी ईको वैन चलाते थे। उनके दो बेटे सचिन और नितिन बताए गए हैं। उनकी मौत से उनके परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
तीन घायल, बेहतर उपचार के लिए रेफर
हादसे में प्रतीक (पांच वर्ष), अनिका (11 वर्ष) और लक्ष्मी (23 वर्ष) घायल हो गए। घायलों को पहले डिबाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से बेहतर उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की जानकारी है। हादसे में एक ही गांव के पांच लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में हर आंख नम है।