दो लाख रुपये में मासूम का सौदा कराने का आरोप, मां समेत पांच गिरफ्तार; 24 घंटे में पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद किया
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। जिस बच्चे ने अभी ठीक से आंखें खोलकर दुनिया को पहचाना भी नहीं था, जो अपनी भूख और तकलीफ भी मां के आंचल में सिमटकर बयां करता था, उसी डेढ़ माह के मासूम को कथित तौर पर रुपयों के लिए सौदे का हिस्सा बना दिया गया। जिस गोद में उसे सबसे ज्यादा सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, उसी रिश्ते पर सवाल खड़े हो गए। कासगंज में सामने आया यह मामला मां की ममता, रिश्तों के भरोसे और मासूमों की सुरक्षा को झकझोर देने वाला है। पुलिस ने बच्चे की मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है।
मामला सोरों थाना क्षेत्र के बनूपुर पुख्ता गांव का है। गांव निवासी अरविंद फरीदाबाद में सोनपापड़ी बनाने वाली कंपनी में काम करता है। पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को उसकी पत्नी ने उसे फोन कर बताया कि वह डेढ़ माह के बेटे को दवा दिलाने कासगंज गई थी। बस स्टैंड पर एक अज्ञात महिला को बच्चा सौंपकर वह लघुशंका के लिए चली गई। लौटकर आई तो महिला और बच्चा दोनों गायब थे। इसके बाद उसने हेल्पलाइन नंबर 1076 पर सूचना दी।
लेकिन पति की ओर से जानकारी जुटाने पर मामला कुछ और ही निकला। आरोप है कि बच्चे को किसी अज्ञात महिला के हाथों सौंपने की कहानी के पीछे उसकी खरीद-फरोख्त का मामला था। पुलिस की जांच में डॉक्टर अरुण कुमार और उसकी पत्नी की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि बच्चे की मां की सहमति से मासूम का सौदा कराया गया था।
दो लाख में सौदा, मां के खाते में जमा कराए रुपये
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में बच्चे की मां ने उसे बेचने के बदले 1.30 लाख रुपये मिलने की बात बताई। इनमें 1.20 लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराए गए, जबकि 10 हजार रुपये नकद खर्च कर दिए गए। मां ने खाते से 20 हजार रुपये निकालने की बात भी बताई।
वहीं, डॉक्टर अरुण और उसकी पत्नी ने कथित तौर पर बच्चे का सौदा कराने के लिए दो लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, इसमें से 1.20 लाख रुपये बच्चे की मां के खाते में और 10 हजार रुपये नकद दिए गए। शेष 70 हजार रुपये में से 10 हजार खर्च कर दिए गए, जबकि 60 हजार रुपये कमरे और लहरा रोड स्थित दुकान से बरामद किए गए। बच्चे को खरीदने के आरोपी महिपाल और उसकी पत्नी ने भी पूछताछ में दो लाख रुपये में मासूम को खरीदने की बात कही।
अभी मां की गोद ही थी उसकी दुनिया
डेढ़ माह की उम्र में बच्चे के लिए मां की गोद ही उसका सबसे बड़ा सहारा होती है। उसे न रुपयों की समझ होती है, न रिश्तों के छल की। वह तो केवल अपनी जरूरत के लिए रोना जानता है और मां के स्पर्श में सुकून तलाशता है। ऐसे में उसके साथ कथित खरीद-फरोख्त की घटना ने संवेदनशील लोगों को झकझोर दिया है। सवाल यह भी है कि यदि समय रहते मामले का खुलासा नहीं होता, तो उस मासूम का भविष्य किस दिशा में चला जाता?
24 घंटे में पुलिस ने खोज निकाला मासूम
पुलिस अधीक्षक ओ पी सिंह के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान के नेतृत्व में सोरों थाना पुलिस, मिशन शक्ति टीम और जनपदीय एसओजी ने मामले की जांच तेज की। 17 अक्टूबर को चंदपुरा गऊपुरा कट के पास बने यात्री प्रतीक्षालय से बच्चे की मां, डॉक्टर अरुण कुमार, उसकी पत्नी, महिपाल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद करने के साथ खरीद-फरोख्त से जुड़े 80 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।
इस घटना में सबसे राहत की बात यह है कि डेढ़ माह का मासूम सकुशल मिल गया। वह अभी अपनी पीड़ा शब्दों में नहीं बता सकता, लेकिन उसके साथ जो हुआ, वह रिश्तों की संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर रही है।