मामूली कहासुनी के बाद चले थे लाठी-डंडे, 11 लोग हुए थे घायल; फायरिंग की सूचना के बीच वायरल हुआ था मारपीट का वीडियो, तमंचा-खोखा समेत डंडे, चिमटा और दरांती बरामद
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
पटियाली। पटियाली थाना क्षेत्र के गांव ढकपुरा में मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मारपीट और फायरिंग की घटना में वांछित चल रहे दोनों पक्षों के 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और 315 बोर का खोखा कारतूस बरामद किया है। वहीं, आरोपियों की निशानदेही पर तीन डंडे, एक चिमटा और एक दरांती भी बरामद की गई है। रविवार दोपहर हुए इस संघर्ष में दो महिलाओं समेत 11 लोग घायल हुए थे। घटना के दौरान फायरिंग की सूचना सामने आई थी और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
मामूली कहासुनी के बाद आमने-सामने आ गए थे दोनों पक्ष
गांव ढकपुरा में रविवार दोपहर किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इसके बाद दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले और मारपीट शुरू हो गई। संघर्ष में एक पक्ष के सात और दूसरे पक्ष के चार लोग घायल हुए थे। घायलों में दो महिलाएं भी शामिल थीं। घटना के दौरान कई राउंड फायरिंग होने की सूचना भी सामने आई थी, हालांकि किसी के गोली लगने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
पहले पक्ष से रमेश सिंह यादव, शैलेंद्र कुमार, नीरेश, आदेश, प्रियांशु, रेखा और संतोष कुमारी निवासी गांव ढकपुरा घायल हुए थे। दूसरे पक्ष से अखण्ड प्रताप, प्रेम प्रताप, अमन प्रताप और हीर प्रताप निवासी गांव नगला धाता, थाना राजा का रामपुर, जनपद एटा घायल हुए थे। सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया था।
मारपीट का वीडियो वायरल होने से चर्चा में आया मामला
संघर्ष के दौरान हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में कुछ लोग लाठी-डंडे चलाते दिखाई दे रहे थे। फायरिंग की सूचना सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह मौके पर पहुंचे थे और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई थी। पुलिस ने विवाद की वजह, मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका, वायरल वीडियो और फायरिंग की सूचना समेत विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की थी।
मुकदमा दर्ज कर वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी थी पुलिस
पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में थाना पटियाली में मुकदमा अपराध संख्या 256/2026 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 190, 191(2), 191(3), 324(4), 115(2), 352 और क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसी मुकदमे में वांछित चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही थी। सोमवार, 19 अक्टूबर को थाना पटियाली पुलिस ने विभिन्न स्थानों से दोनों पक्षों के 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ढकपुरा के सात और नगला धाता के छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गांव गढ़ी ढकपुरा, थाना पटियाली, जनपद कासगंज निवासी पिंटू पुत्र राजपाल, अमित पुत्र अमरपाल, आदेश पुत्र अमरपाल, शैलेंद्र पुत्र राजपाल, रमेश चंद्र पुत्र श्रीपाल सिंह, प्रियांशु पुत्र रमेश चंद्र और नीरेश पुत्र किशन पाल शामिल हैं।
वहीं, दूसरे पक्ष से गांव नगला धाता, थाना राजा का रामपुर, जनपद एटा निवासी अश्वनी कुमार पुत्र महेंद्र सिंह, रोहित उर्फ नन्हे पुत्र दिनेश चंद, अखण्ड प्रताप पुत्र अनूप कुमार, हीर प्रताप पुत्र अनूप कुमार, प्रेम प्रताप पुत्र अनूप कुमार और अमन पुत्र अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इस तरह पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 13 आरोपियों को पकड़ा है।
प्रेम प्रताप के कब्जे से तमंचा, निशानदेही पर अन्य सामान बरामद
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी प्रेम प्रताप पुत्र अनूप कुमार निवासी नगला धाता की जामा तलाशी में घटना में प्रयुक्त एक अवैध तमंचा और 315 बोर का एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। इसके अलावा आरोपियों की निशानदेही पर मारपीट में इस्तेमाल किए गए तीन डंडे, एक चिमटा और एक दरांती बरामद की गई। पुलिस ने बरामद सामान को मामले की जांच से जोड़ते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की है।
एसपी के निर्देशन में हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार के नेतृत्व में थाना पटियाली पुलिस ने यह कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को नियमानुसार विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में मारपीट और फायरिंग की सूचना से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।