आकर्षक झांकियों, काली मंडल और कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत; महर्षि वाल्मीकि के जयकारों से भक्तिमय हुआ नगर
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियों, काली अखाड़े के कलाकारों की हैरतअंगेज प्रस्तुतियों और धार्मिक स्वरूप में सजी कलाकृतियों ने लोगों का मन मोह लिया। जगह-जगह शोभायात्रा को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के बीच निकली शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि के जयकारे गूंजते रहे। आयोजन के माध्यम से आदिकवि के जीवन, साहित्य और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
शोभायात्रा में सजी आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। झांकियों की साज-सज्जा और कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए लोग उत्सुक नजर आए। वहीं, काली अखाड़े के कलाकारों ने अपने कौशल और रोमांचक करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने उत्साह के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। शोभायात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ भारतीय लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत की।
आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम की थीम ‘आदिकवि की वाणी, सदा रहे मानवता की कहानी’ रखी गई। यह संदेश महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं और उनके साहित्य में निहित मानवीय मूल्यों को रेखांकित करता है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में समानता, सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया गया। शोभायात्रा के जरिए नई पीढ़ी को महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व और उनके साहित्यिक योगदान से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के आयोजन में संस्थापक अध्यक्ष रघुवीर कुमार वाल्मीकि, महामंत्री विष्णु वाल्मीकि और कोषाध्यक्ष पवन वाल्मीकि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन को सफल बनाने में आकाश कुमार (गिन्नी), राघव कुमार, सूरज कुमार, अरविंद कुमार, अमन कुमार, मोहन राज, रजत सैंमल, गौरव, अनुराग, कबीर, अभिषेक, मोजीराम और अशोक सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर निकली शोभायात्रा ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संदेश दिया। आकर्षक झांकियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों से सजा यह आयोजन लोगों के लिए श्रद्धा और उत्साह का अवसर बना।