जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। मरीजों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल के पास संचालित वेल केयर पैथ लैब पर शिकंजा कस दिया है। बिना पंजीकरण के चल रही इस पैथोलॉजी लैब में मरीजों के रक्त की जांच की जा रही थी, लेकिन जांच के लिए कोई योग्य स्टाफ भी मौजूद नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में अनियमितताएं सामने आने पर नोडल अधिकारी डॉ. मदन कुमार ने लैब को सीज कर दिया। कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित जांच केंद्रों में खलबली मच गई है।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि जिला अस्पताल के नजदीक वेल केयर पैथ लैब बिना पंजीकरण के संचालित हो रही है। यहां मरीजों के रक्त के नमूनों की जांच की जा रही है, जबकि जांच के लिए निर्धारित योग्यता रखने वाला स्टाफ उपलब्ध नहीं है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी डॉ. मदन कुमार टीम के साथ लैब पर पहुंचे और छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान लैब में मरीजों के रक्त की जांच किए जाने की स्थिति सामने आई। जांच में पता चला कि लैब का पंजीकरण नहीं कराया गया है। इसके अलावा जांच के लिए कोई योग्य स्टाफ भी मौजूद नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए लैब को सीज कर दिया।
जांच रिपोर्ट के भरोसे मरीजों का इलाज, मानकों की अनदेखी से खतरा
पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही चिकित्सक मरीजों की बीमारी का पता लगाकर उपचार की दिशा तय करते हैं। ऐसे में बिना पंजीकरण और योग्य स्टाफ के रक्त की जांच किए जाने से जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। रिपोर्ट में गड़बड़ी होने पर मरीज को गलत उपचार मिलने की आशंका भी बनी रहती है।
जिला अस्पताल के पास ही इस तरह की लैब का संचालन स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। अस्पताल में उपचार कराने आने वाले मरीज बेहतर और भरोसेमंद जांच की उम्मीद करते हैं, लेकिन बिना निर्धारित मानकों के संचालित लैब उनकी सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
अवैध अस्पतालों और जांच केंद्रों पर लगातार कार्रवाई
नोडल अधिकारी डॉ. मदन कुमार ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार के निर्देशन में जिलेभर में अवैध अस्पतालों, क्लीनिकों, पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित किसी भी स्वास्थ्य संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब सवाल यह है कि जिला अस्पताल के पास बिना पंजीकरण के पैथोलॉजी लैब कैसे संचालित हो रही थी और मरीजों की जांच के लिए योग्य स्टाफ की व्यवस्था क्यों नहीं थी। विभाग की कार्रवाई से अवैध जांच केंद्र संचालकों में खलबली मची हुई है।