हरी झंडी दिखाकर लाभार्थियों को किया रवाना, 14 को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए 69 दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कान की मशीन समेत विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए। उपकरण प्राप्त करने के बाद वित्त मंत्री ने लाभार्थियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार दिव्यांगजनों की जरूरतों और समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। सरकार का प्रयास है कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जाए, ताकि उन्हें आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए पहले लाभार्थियों का विधिवत परीक्षण कराया जाता है। परीक्षण के बाद पात्रता सुनिश्चित कर जरूरत के हिसाब से उपकरण वितरित किए जाते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
14 दिव्यांगजनों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में कुल 69 दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया। इनमें 14 लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और 26 को सामान्य ट्राईसाइकिल प्रदान की गईं। इसके अलावा छह दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, 10 को एमआर किट, नौ को कान की मशीन, एक को वॉकिंग स्टिक और तीन लाभार्थियों को ब्लाइंड स्टिक दी गई।
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से संबंधित लाभार्थियों को आवागमन में विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, सामान्य ट्राईसाइकिल और व्हीलचेयर से भी दिव्यांगजनों को अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। कान की मशीन और दृष्टिबाधित लाभार्थियों को दी गई ब्लाइंड स्टिक उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायक होगी।
परीक्षण के बाद जरूरत के मुताबिक दिए जा रहे उपकरण
वित्त मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल उपकरण उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि उन्हें उनकी वास्तविक जरूरत के अनुरूप सहायता मिले। इसी के तहत लाभार्थियों का पहले परीक्षण कराया जाता है और उसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप के प्रयासों से प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार चाहती है कि दिव्यांगजन भी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सकें और समाज की मुख्यधारा में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में महापौर अर्चना वर्मा, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीसी राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सृष्टि अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।