बरेली। माधवबाड़ी में श्री रामायण मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के विश्राम पर नैमिषारण्य से आए कथावाचक शिवानंद ने कहा कि गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम का राजतिलक कर उन्हें गद्दी पर बैठाया। प्रभु राम को देख तीनों माताएं खुशी से इतनी भावविभोर हो गईं कि वह राम-सीता की बार-बार आरती कर उनकी वलाएं लेने लगीं। प्रभुराम का राजतिलक होते ही पूरा पांडाल श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा, लोगों ने पूरी श्रद्धा और आस्था से राजगद्दी में यथोयोग्य भेंट चढ़ाई। इसके बाद कथा को विश्राम दिया गया।
रामायण मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल अरोड़ा जी ने बताया कि शनिवार शाम दिल्ली से निकुंज कामरा और आरुषि गंभीर हरिनाम की रस धारा को प्रवाहित करने के लिए पधार रही हैं। 11 अगस्त को सुबह छह बजे शांति यज्ञ और शाम 4 बजे तक हरिनाम संकीर्तन होगा। दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जो चार बजे तक चलेगा। महाआरती के साथ इस 15 दिवसीय महोत्सव का समापन होगा।