पकड़ा गया आरोपी शाहजहांपुर के सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव भटपुरा रसूलपुर गांव मुजम्मिल है। उसने अपने दो साथियों के साथ थाना रोजा के गांव पिपरिया सड़क में 10 अगस्त की रात घर में भूपेंद्र और उसकी पत्नी को बंधक बनाकर दस लाख से ज्यादा की लूटपाट की थी। पूछताछ में मुजम्मिल ने पुलिस को बताया कि उसने साजिद और नन्हे के साथ वारदात का अंजाम दिया था।
पूछताछ में मुजम्मिल ने बताया कि लूटपाट की घटना को अंजाम देने से 10-15 दिन पहले शाम को तीनों पहली बार भावलखेड़ा में शराब के ठेके पर मिले थे। वहां शराब पीते वक्त तीनों में दोस्ती हो गई। इसके बाद ठेके पर ही लूट की योजना बनी। इसके बाद पिपरिया सड़क में भूपेंद्र के घर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। इस मामले की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस के साथ ही एसपी अशोक कुमार मीणा ने मौका मुआयना किया था। एसपी ने घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें लगाई थीं। पीड़ित भूपेंद्र ने एक बदमाश को पहचाने की बात पुलिस से कही थी।
पहले किसी और घर में लूटपाट का था इरादा
मुजम्मिल ने बताया कि पहले तीनों गांव में मुनेंद्र के घर के सामने पहुंचे थे लेकिन मुनेंद्र जाग रहा था। उसने उनकी तरफ टार्च की रोशनी मारी तो वहां से भागकर गांव के बाहर बने भूपेंद्र के घर में कूद गए। भूपेंद्र अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ चारपाई पर सो रहा था। भूपेंद्र को चाकू और तमंचा दिखाकर चारपाई पर उल्टा लिटाकर उसके हाथ बांध दिए। इसके बाद अलमारी और संदूक में रखे जेवर और रुपये निकाल लिए। इसके बाद भूपेंद्र और उसकी पत्नी को बच्चे समेत कमरे में बंद करके फरार हो गए।
बंटवारे के लिए दो-चार दिन बाद मिलना था शराब के ठेके पर
आरोपी मुजम्मिल ने बताया कि लूटपाट के बाद साजिद और नन्हे लखीमपुर खीरी की ओर जाने की बात कहकर चले गए। उन्होंने कहा था कि दो या चार दिन बाद फिर भावलखेड़ा में शराब उसी ठेके पर मिलेंगे। वहीं सामान का बंटवारा करेंगे। जाते समय उन्होंने मुजम्मिल को दो जोड़ी पायल, एक हथफूल और एक टीका और चार हजार रुपये दे दिए थे। इनमें से 28 सौ रुपये और जेवर उसने एक पन्नी में बांधकर नहर में छिपा दिए थे। उसने बताया कि भूपेंद्र ने उसे पहचान लिया था इसलिए वह इधर-उधर छिपता हुआ घूम रहा था। बुधवार दोपहर वह पिपरिया सड़क के पास नहर से जेवर निकलाने जा रहा था तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।