उमेश शर्मा, बरेली। होटल कर्मचारियों के मुताबिक बरेली के आजमनगर में रहने वाला आलम 18 अगस्त को युवती के साथ होटल में आया था। उसने अपने आधार कार्ड पर कमरा बुक किया था। सोमवार शाम आलम होटल से चला गया। मंगलवार दोपहर कमरे से बदबू आने पर कर्मचारियों ने दूसरी चाबी से कमरा खोलकर देखा तो अंदर शव पड़ा मिला। युवती का गला चाकू से रेता गया था। बेड पर ही उसका बुर्का पड़ा था। कमरे का एसी और पंखा चल रहा था। सूचना पर एसपी सिटी राहुल भाटी, सीओ और कोतवाली इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा मौके पर पहुंच गए।
देर रात जीआरपी को शव पड़ा होने की मिली सूचना
एसपी सिटी राहुल भाटी के मुताबिक जांच में पता चला है कि युवती की हत्या करीब साढ़े पांच बजे के आसपास की गई। हत्या करने के बाद आलम होटल से चला गया। रात करीब सवा नौ बजे उसने फतेहगंज पश्चिमी इलाके में धनेटा फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। जीआरपी की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। परिजन ने शव की पहचान आलम के रूप में की। युवती की पहचान शाही की रहने वाली फरजाना उर्फ शब्बो के रूप में हुई।
आठ साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
आलम और फरजाना के बीच आठ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दरअसल आलम फरजाना की बहन का देवर है। रिश्तेदारी होने की वजह से उनका रिश्ता भी तय हो गया था लेकिन कुछ समय पर पहले फरजाना के घरवालों को आलम के आपराधिक इतिहास का पता चला। मालूम हुआ कि आलम पर मुबंई समेत कई जगहों पर हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसके बाद उन्होंने शादी से इन्कार कर दिया। फरजाना ने भी उससे दूरी बनाना शुरू कर दी थी इसी बात से आलम नाराज रहने लगा था।
जांच में आलम पर ही घूम रही थी शक की सुई
शुरुआती जांच में ही पुलिस के शक की सुई आलम की तरफ घूम गई थी। पुलिस को उसी पर ही हत्या करने का शक था। माना जा रहा था कि उसने सोते समय या फिर नशा देकर फरजाना की गला रेतकर हत्या की। क्योंकि अगर होश में गला रेता जाता तो संघर्ष के निशान मिलते। फॉरेसिंक टीम भी प्रथम दृष्टया यही मान रही थी।
आलम ने अपने नाम से बुक किया था कमरा
कमरा बुक करते समय आलम ने फरजाना की आईडी जमा नहीं की थी। उसने अपनी आईडी पर ही कमरा बुक किया था। सोमवार शाम वह जब होटल से बाहर निकला तो कर्मचारियों ने समझा कि कहीं काम से गया है और थोड़ी देर में आ जाएगा लेकिन वह नहीं आया। मंगलवार को कमरे से बदबू आने लगी तो घटना का पता चला।