घटना आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र की है। यहां पद्म प्राइड कॉलोनी में रहने वाली शिवांगी ने बताया कि उनके घर में कई साल से आवास विकास कॉलोनी में रहने वाली पद्मा खाना बनाने आती थी। काफी समय से उनकी तबीयत बीच-बीच में खराब रहने लगी। इस पर उनकी मां लखनऊ से आकर उनके साथ रहने लगीं तो मामला पकड़ में आया। शिवांगी तहरीर पर पुलिस ने नौकरानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि इसके पीछे उसका क्या मकसद था यह तो पुलिस की पूछताछ के बाद ही पता चल सकेगा।
खाने में कुछ मिलाते देखा तो हुआ शक
शिवांगी की मां ने एक दिन पद्मा को खाने में कुछ मिलाते देखा तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने उसे टोका तो वह सकपका गई। जब उससे पूछ कि खाने में क्या मिलाया है तो वह इधर उधर की बातें बनाने लगी। शक होने पर उन्होंने डॉक्टर से जांच कराई तो पता चला कि खाने मिलाकर शिवांगी को लंबे समय से स्लो पॉइजन दिया जा रहा था।
क्या होता है स्लो पॉइजन और कैसे करता है काम
स्लो पॉइजन एक ऐसा जहर होता है जो धीरे-धीरे शरीर पर प्रभाव डालता है और समय के साथ विषाक्तता के लक्षण उत्पन्न करता है। यह जहर तुरंत असर नहीं दिखाता बल्कि लंबे समय में शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाता है। इसमें कुछ रासायनिक पदार्थ, भारी धातुएं (जैसे पारा, आर्सेनिक), और कुछ दवाइयां शामिल हो सकती हैं जो लंबे समय तक उपयोग के बाद शरीर में विषाक्त प्रभाव डालती हैं। इसका प्रभाव समय के साथ बढ़ता है और इसके लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे गंभीर होते जाते हैं। इसलिए, इसको पहचानना मुश्किल हो सकता है।