उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तीन दिवसीय श्रीकृष्ण राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर में दूसरे दिन 11 राज्यों के चित्रकार कैनवास पर भगवान की लीलाओं को उकेरा। वृंदावन के गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में 10 सितंबर को राष्ट्रीय शिविर का शुभारंभ प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने किया था। उन्होंने 11 राज्यों से आए 24 महिला और पुरुष चित्रकारों को सम्मानित किया।
उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसबी सिंह ने बताया कि परिषद ने ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थलियों को संवारा है। भगवान की लीलाओं का मंचन करवाया जा रहा है। अब उन्हीं लीलाओं का चित्रण करने दो दर्जन चित्रकार देश के विभिन्न स्थानों से पहुंचे हैं। श्रेष्ठ चित्र बनाने वाले चित्रकार को 51 हजार का ब्रज साहित्य एवं कला पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्र शर्मा और संचालक गीता शोध संस्थान वृंदावन के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार की देखरेख में चित्रांकन शिविर चल रहा है। कार्यक्रम में इस्कॉन पुणे के वरिष्ठ पदाधिकारी संजय भोसले ने सहभागिता की।
चित्तौड़गढ़ से चित्रकार मनोज जोशी, गुजरात के भुज से आए नवीन भाई, कानपुर के डॉ. कुमुद पाला, नाथद्वारा के डॉ. चंदना जोशी, मेरठ के डॉ. प्रिंस राज, हल्द्वानी की कुसुम पांडे, कानपुर की डॉ. रिचा सिंह, ग्वालियर की डॉ. खुशबू शर्मा, मधुबनी शैली के चित्र बनाने के लिए मध्यप्रदेश से अलका झा आई हैं।
ग्रेटर नोएडा की चित्रकार रंजीता कुमार की बेल्जियम में कई प्रदर्शनी लग चुकी हैं। उज्जैन से सुमन डोंगरे, पटना से सत्या सार्थ, ग्रेटर नोएडा से कंचन प्रकाश ने अपनी चित्रकला से सभी को प्रभावित किया। लखनऊ से विनोद कुमार, गुजरात से जिगर नवीन, उज्जैन की अलका मनीष पाठक, अबोहर पंजाब से प्रो. जतेंदर कौर, दिल्ली से नवल किशोर, भिलाई छत्तीसगढ़ से बृजेश तिवारी, लखनऊ से नेहा ने भी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का चित्रण किया।