Murder in Bareilly : मीरगंज के शिवपुरी मोहल्ले में रहने वाले रामबाबू दिवाकर का 22 वर्षीय बेटा शिवम 11 सितंबर को किसी काम से जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर शाम तक वह वापस नहीं आया तो घरवालों ने तलाश शुरू की। अगले दिन सुबह नौ बजे घर से 500 मीटर दूर रेलवे लाइन के किनारे बाग में उसका शव मिला। उसका चाकू से गला रेता गया था, इसके बाद से पुलिस घटना के खुलासे में लगी थी।
मुठभेड़ में दरोगा भी गोली लगने से घायल
जांच में मीरगंज पुलिस को पता चला कि शिवम की हत्या उसके दोस्त इरशाद ने की है। शुक्रवार रात वह भागने की फिराक में नौसना मार्ग पर खड़ा था। सूचना मिलते ही मीरगंज इंस्पेक्टर कुंवर बहादुर सिंह ने टीम के साथ घेराबंदी की तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें गोली लगने से दरोगा रवि तोमर घायल हो गए। जवाबी फायरिंग में इरशाद के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक तमंचा, कारतूस, शिवम का मोबाइल, आधार कार्ड और चाकू बरामद किया।
घटना का खुलासा करते एसपी दक्षिणी मानुष पारीक।
समलैंगिक संबंध बनाने से था नाराज
पूछताछ में इरशाद ने बताया कि शिवम उर्फ कन्हैया ने उसके साथ समलैंगिक संबंध बनाए थे। इस वजह से वह उससे नफरत करने लगा था। उसने बेइज्जती का बदला लेने के लिए 11 सितंबर को शिवम को शराब पीने के बहाने सिंधौली रेलवे फाटक के पास अफसन खां के बाग में बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई और जब शिवम को नशा हो गया तो चाकू से उसका गला रेत दिया। उसके शरीर पर भी कई वार किए।
इरशाद ने बताया कि संघर्ष के दौरान चाकू लगने से वह भी घायल हो गया। हत्या करने के बाद वह दिल्ली भाग गया। एसपी दक्षिणी मानुष पारीक के निर्देश में काम कर पुलिस ने शिवम के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई और सीसीटीवी कैमरे चेक कराए। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। इससे इरशाद के हत्या में शामिल होने का पता चला।
परिजनों ने हत्याकांड में और लोगों के शामिल होने का जताया शक
खुलासे के बाद शिवम के परिजन मोहल्लेवालों के साथ मीरगंज थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि शिवम की हत्या एक व्यक्ति अकेला नहीं कर सकता है। इरशाद के साथ अन्य लोग भी हत्याकांड में शामिल रहे होंगे। उन्होंने थाने में हंगामा करते हुए अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की मांग की। थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने अन्य किसी के भी हत्याकांड में शामिल होने पर उसकी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। तब परिजन शांत हुए।