जागरण टुडे, मथुरा
ब्रजभूमि इन दिनों राधा रानी के जन्मोत्सव की भव्य तैयारियों में डूबी हुई है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब पूरा ब्रजमंडल 30-31 अगस्त को मनाए जाने वाले श्री राधाष्टमी महोत्सव की तैयारियों में जुटा है। जिला प्रशासन और नगर पंचायत बरसाना में होने वाले इस विशाल आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं।
एलईडी के जरिए होंगे लाइव दर्शन
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने विशेष व्यवस्था की है। परिषद बरसाना के छह प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाएगा, जिनके माध्यम से राह चलते श्रद्धालु भी लाड़लीजी के दर्शन कर सकेंगे। परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था लाखों भक्तों की सुविधा के लिए की जा रही है, ताकि मंदिर में प्रवेश न कर पाने वाले श्रद्धालु भी सीधे दर्शन का आनंद उठा सकें।
एलईडी स्क्रीन श्रीजी गेट, कटारा चौक, सुदामा चौक, सफेद छतरी के पास, नया बस स्टैंड और मेरो बरसाना गेट पर लगाई जाएंगी। इसके अलावा बरसाना छाता मार्ग स्थित पेट्रोल पंप और गोवर्धन-बरसाना मार्ग पर प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, जिनसे आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण
महोत्सव को और भव्य बनाने के लिए परिषद ने छह लोक कलाकार टीमों का चयन किया है। प्रत्येक टीम में 10-10 कलाकार होंगे, जो स्ट्रीट परफॉर्मेंस के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन कार्यक्रमों में बीन, नगाड़ा, ढोल, बपंग, तबला, बेला और बम नगाड़ा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज बरसाना की गलियों में भक्तिमय माहौल बनाएगी।
16 घंटे खुलेगा राधारानी मंदिर
श्री राधाष्टमी के दिन राधारानी मंदिर 16 घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। अभिषेक के दर्शन का अवसर लगभग एक घंटे तक मिलेगा। भीड़ प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन ने एकल मार्ग की व्यवस्था की है। इसके तहत श्रद्धालु सुदामा चौक की सीढ़ियों से प्रवेश करेंगे और जयपुर मंदिर मार्ग से निकासी कराई जाएगी।
लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना
सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी राधाष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसलिए सुरक्षा, आवागमन और सुविधा की पुख्ता तैयारियां की गई हैं। परिषद और प्रशासन का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु को न केवल सुरक्षित वातावरण मिले, बल्कि वह लाड़लीजी के दर्शन और उत्सव का आनंद सहज रूप से ले सके।