यूपी के जनपद शाहजहांपुर में सूदखोर ब्रेखौफ हैं। सप्ताह और पहले सूदखोरों से परेशान होकर व्यापारी दंपति ने दो बच्चों को जहर पिलाने के बाद खुद फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली थी। अब शाहजहांपुर शहर में चौक कोतवाली क्षेत्र के बिजलीपुरा निवासी मोहम्मद आलम ने सूदखोरों से परेशान होकर जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया।
शहर के मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी मोहम्मद आलम दूध की चलाते हैं। उनकी पत्नी हाजरा बानो ने 24 जून को चौक कोतवाली में शिकायत पत्र देकर पुलिस को बताया कि पहले उनकी डेरी में 45 भैंस थीं, जिनमें अब केवल चार बची हैं। हाजरा का आरोप है कि भाजपा के एक पार्षद समेत कई सूदखोर नियमित रूप से उनके घर ब्याज वसूलने आते हैं।
वर्ष 2008 में उनके ससुर ने पूरा कर्ज और ब्याज चुकता कर दिया था। बावजूद इसके 2020 में सूदखोरों ने फिर से अपने जाल में फंसाकर इकरारनामा कर लिया। तभी से भाजपा पार्षद और सूदखोर के घर रोजाना ढाई लीटर दूध मुफ्त में जा रहा है। आरोपी पार्षद ने उनके बेटे की बुलेट मोटरसाइकिल भी छीन ली। आरोप है कि मुफ्त में दूध देना बंद करने पर पार्षद ने धमकी दी के 5 लाख रुपए ब्याज देना होगा।
आरोप है कि 12 दिसंबर 2024 को एक अन्य सूदखोर जो बांडीगांव का रहने वाला है, उसने पिस्तौल दिखाकर प्याज वसूला, जिससे हाजरा को अपने जेवर बेचने पड़े। परेशान होकर 23 जून को मो आलम ने फांसी लगाने की कोशिश की थी। 25 अगस्त को उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। दोनों बार उन्हें बचा लिया गया। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है कि इस घटना को 5 दिन बीत गए। इस बीच कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की सुध नहीं ली। हाजरा का आरोप है कि वह चौक कोतवाली गई थीं, लेकिन पुलिस में उनकी नहीं सुनी। कोतवाली इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है, जिसके जहर खाने की बात हो रही है वह अस्पताल भरती है। दरोगा को पूछताछ के लिए अस्पताल भेजा गया है।