बरेली में इंकलाबी मजदूर केंद्र का शहर सम्मेलन आयोजित, मजदूर के अधिकारों के मुद्दे रहे हावी
इंकलाबी मजदूर केंद्र का शहर सम्मेलन गुरुवार 18 सितंबर को प्रेरणा सदन, पीडब्ल्यूडी ऑफिस परिसार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत देव सिंह ने झंडारोहण और झंडा गीत के साथ की। इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। फिर बरेली के मजदूर हालात और संगठन की स्थिति पर चर्चा शुरू हुई।
सम्मेलन में वक्ताओं ने मौजूदा हालात पर गहन चर्चा की। इंकलाबी मजदूर केंद्र के हरिगोविंद ने कहा कि आज दुनिया भर में पूंजीपति अपने मुनाफे के लिए मजदूरों और मेहनतकशों का शोषण कर रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध और इज़रायल-फिलिस्तीन संघर्ष इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग को इस लूट और युद्धों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
बरेली शहर सचिव ध्यान चंद्र मौर्य ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में बदलने से मजदूर अधिकार विहीन हो गए हैं। बरेली के उद्योगों और दुकानों में श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है। काम के घंटे, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और साप्ताहिक अवकाश तक की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। ऐसे हालातों को बदलने के लिए मजदूरों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा।
बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि मजदूर आंदोलन आज विभिन्न हिस्सों में बंटा हुआ है। जाति और धर्म के नाम पर मजदूरों को विभाजित करने की राजनीति हो रही है। सरकारी विभागों में ठेका-संविदा नीति ने भी मजदूरों का भारी शोषण किया है। उन्होंने कहा कि शासकों के हथकंडों से बचकर और आपसी मतभेद भुलाकर मजदूरों को एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी।
सम्मेलन में भारत सिंह, मोहित देवल, दिलीप कुमार, देव सिंह, अनिल, उपेश मौर्य, रामसेवक, सुशील मिश्रा, लालजी कुशवाहा, राजकुमार, दीपक, पप्पू, अरविंद शुक्ला, अभिषेक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।