राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा बंशीवट स्थित सुदामा कुटी नाभापीठ आश्रम में 25 सितंबर को भजन कुटी का लोकार्पण किया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 25 सितंबर को मथुरा-वृंदावन में आएंगी। राष्ट्रपति के आने का कार्यक्रम जारी होने के बाद प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 10 बजे दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन से छटीकरा स्थित वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी। यहां से वह सड़क मार्ग से कार से बांकेबिहारी मंदिर के पास जादौन पार्किंग तक पहुचेंगी। राष्ट्रपति को यहां से गोल्फ कार्ट से ठा. बांकेबिहारी मंदिर ले जाया जाएगा। बिहारी जी मंदिर में 11.10 बजे तक दर्शन आौर पूजन के बाद राष्ट्रपति ठा. बांकेबिहारी की प्राकट्य स्थली निधिवन जाएंगी। यहां 12 बजे तक पूजा अर्चना करेंगी, जिसके बाद यमुना किनारा होते हुए फिर पार्किंग स्थल तक पहुंचेंगी।
यहां से राष्ट्रपति का काफिला सुदामा कुटी पहुंचेगा और करीब बीस मिनट तक संतों से अध्यात्मिक चर्चा का कार्यक्रम है। इसके बाद राष्ट्रपति होटल रेडिशन में भोजन और दो घंटे विश्राम करेंगी। इसके बाद वह मथुरा में विश्राम घाट स्थित कुब्जा कृष्ण मंदिर में दोपहर साढ़े तीन बजे दर्शनों को पहुंचेंगी। 4.10 बजे वह श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर दर्शन करेंगी। शाम पांच बजे मथुरा जंक्शन से वह स्पेशल ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
नाभापीठाधीश्वर सुतीक्ष्ण दास महाराज ने बताया कि सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक परम संत गोलोकवासी सुदामा दास महाराज के श्रीधाम वृंदावन आगमन के सौ वर्ष होने पर मनाए जाने वाले शताब्दी वर्ष महोत्सव से पहले उनकी भजन कुटी का लोकार्पण 25 सितंबर को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु करेंगी। इसके बाद आश्रम में पारिजात का पौधा रोपित और साधु-संतों के साथ आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। राष्ट्रपति वहां करीब आधा घंटे तक रुकेंगी। कार्यक्रम को लेकर आश्रम प्रबंधन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मानव मात्र के कल्याण के लिए जीवन पर्यंत भक्ति में लीन रहने वाले सुदामा दास महाराज ने अपनी भजन साधना स्थली यमुना के पुलिन तट पर की। जहां भव्य आश्रम गौ व ब्रजवासियों सहित वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद की सेवा कर रहा है। अब इसी भजन स्थली को विकसित कर भव्य रूप से तैयार कराया गया है। इस भजन कुटी में महाराजश्री के जीवन से जुड़ी वस्तुओं को भी भक्तों के दर्शनार्थ रखा जाएगा। इस अवसर पर महंत अमर दास, अवधेश दास, राम सजीवन दास, गोपेश दास, सुनील चतुर्वेदी, मोहन शर्मा, भरत शर्मा आदि उपस्थित रहे।