महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मंगलवार को मथुरा कलेक्ट्रेट स्थित स्वच्छता वाटिका में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम के तहत स्वच्छता वाटिका में महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण का अखंड पाठ आयोजित किया गया। यह पाठ तहसील महावन ग्राम हबीबपुर के श्री कमल शास्त्री द्वारा संपन्न कराया गया। कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी और कर्मचारी अखंड पाठ में शामिल हुए और श्रद्धा के साथ रामायण का श्रवण किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी एक महान कवि और ऋषि थे, जिन्होंने संस्कृत साहित्य के पहले महाकाव्य रामायण की रचना की। उन्होंने कहा कि रामायण में भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, धर्म और सत्य के मूल्यों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी को ‘आदिकवि’ के रूप में जाना जाता है, जिसका अर्थ है ‘पहला कवि’। उनका जन्म आश्विन मास की पूर्णिमा को हुआ था और इस दिन को ही उनकी जयंती के रूप में मनाया जाता है। वाल्मीकि जी के उपदेश सत्य, धर्म, अहिंसा और मानवीय मूल्यों पर आधारित हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें सिखाता है कि परिवर्तन हमेशा संभव है। अपने कर्मों और विचारों से कोई भी व्यक्ति महानता प्राप्त कर सकता है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हमें समाज में नैतिकता, सदाचार और एकता का संदेश फैलाना चाहिए। अखंड पाठ के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर श्रद्धा और भक्ति के माहौल से गूंज उठा।
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एडीएम नमामि गंगे राजेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट राकेश कुमार, एएनएम वृंदावन राजकुमार चौधरी, डिप्टी कलेक्टर ऊषा सिंह, नरेंद्र यादव, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, डीके. बागला, प्रभात माहेश्वरी सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।