स्वदेशी (वस्तुओं का उत्पादन और खरीद), स्वभाषा (भाषाएं और ज्ञान प्रणालियां) और स्वभूषा (विरासत, डिजाइन और सौंदर्यशास्त्र) तीनों स्तंभ मिलकर विकसित भारत की ओर ले जाते हुए आत्मनिर्भर भारत की नींव तैयार कर रहे हैं। भाजपा सरकार इसी मंत्र पर चलकर स्वदेशी को बढ़ावा दे रही है। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और वोकल फॉर लोकल से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक हर पहल का लक्ष्य यही है कि विदेशी निर्भरता कम करें और स्वदेशी उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
यह कहना है कि सांसद छत्रपाल गंगवार का भाजपा कार्यालय में बुधवार को प्रेसवार्ता के दौरान सांसद ने कहा कि भाजपा हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी का संदेश गांव-गांव, गली-गली तक पहुंचाएगी। स्वदेशी का स्वरूप केवल खादी या दीये तक सीमित नहीं है। भारत में हमेशा से ही उत्पादन और व्यापार की सभ्यता रही है। स्वराज ने हमें राजनीतिक स्वतंत्रता दी, अब हमें स्वदेशी संकल्प से आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी होगी।
आत्मनिर्भर भारत, यह संकल्प एक नारा नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी हमारा मंत्र है, हमारा लक्ष्य और शक्ति है। अब विदेशी वस्तुओं के पीछे भागने की जगह हम अपनी जड़ों को पहचान रहे हैं।
वनमंत्री डॉ अरुण कुमार ने कहा कि नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफार्म्स हमारे राष्ट्र के लिए महज एक नीतिगत समायोजन नहीं, बल्कि यह मोदी सरकार के एक दशक के अथक, स्थिर और दूरदर्शी आर्थिक प्रबंधन की परिणति है। जीएसटी दरों में हुई भारी कटौती हर एक भारतीय की सीधी जीत है। हम इस बदलाव को एक जीएसटी बचत उत्सव में बदल रहे हैं। ऐतिहासिक कटौती हर भारतीय नागरिक को आर्थिक स्वतंत्रता सेनानी बनने का अधिकार दे रही है।
जीएसटी बदलाव आर्थिक दर्शन में एक मौलिक बदलाव करता है। जो विकास के एक ऐसे चक्र का निर्माण करेगा जो एक के बाद एक सकारात्मक परिणाम लाएगा। अधिक खर्च से मांग और उत्पादन बढ़ेगा। अधिक उत्पादन से अधिक नौकरियां निकलेंगी।
प्रेसवार्ता में विधायक संजीव अग्रवाल, विधायक डॉ राघवेंद्र शर्मा, विधायक डॉ एमपी आर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, नीरेंद्र सिंह राठौर, विष्णु शर्मा, मीडिया प्रभारी अंकित माहेश्वरी, निर्भय गुर्जर, देवेंद्र जोशी आदि उपस्थित रहे।