नगर निगम बरेली में गृहकर घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्षद राजेश अग्रवाल ने जोन-3 के प्रभारी और राजस्व निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए विधान परिषद सदस्य एवं संसदीय अध्ययन समिति के अध्यक्ष किरण पाल कश्यप को शिकायती पत्र दिया।
पार्षद राजेश अग्रवाल ने एमएलसी किरण पाल कश्यप को नगर निगम में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाकर दो शिकायतें सौंपीं। पहली शिकायत में अतिक्रमण अभियान के दौरान हुई कथित मनमानी का जिक्र है, जबकि दूसरी शिकायत में जोन-3 के अधिकारियों पर गृहकर निर्धारण में हेराफेरी करके निगम को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
एमएलसी किरण पाल कश्यप ने दोनों शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी बरेली को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में “जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जांच रिपोर्ट शीघ्र सौंपी जाए।”
सपा पार्षद ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि अधिकारियों ने आईडी 7912496 वाले संपत्ति कर में हेराफेरी कर नगर निगम को हर साल 1.35 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, वास्तविक गृहकर 99,768.24 रुपये था, जिसे घटाकर 42,007.68 रुपये कर दिया गया। नगर निगम ने 12 सितंबर 2025 को अपने उत्तर में स्वीकार किया कि गड़बड़ी हुई थी और 1,77,024 का संशोधित नोटिस जारी किया गया।
पार्षद का दावा है कि जोन 3 और 4 में इसी तरह की हेराफेरियों से निगम को करीब 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जोनल प्रभारी छोटे करदाताओं के 100% स्वकर फॉर्म की जांच करा रहे हैं, जबकि नियम सिर्फ 10% जांच की अनुमति देता है।
अब एमएलसी किरण पाल कश्यप के हस्तक्षेप से उम्मीद जगी है कि नगर निगम में गृहकर निर्धारण और अतिक्रमण कार्यवाही की व्यापक जांच होगी। शहर के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने एमएलसी के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि अब “साफ-सुथरे प्रशासन” की असली परीक्षा शुरू हो गई है।