जनपद बरेली में धर्मांतरण का एक और मामला सामने आया है। बरेली के थाना बारादरी पुलिस ने रुपये और आर्थिक सहायता का लालच देकर हिंदू महिलाओं और बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पादरी समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया । अब पुलिस उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार सुभाषनगर निवासी ऋषभ ठाकुर ने थाना बारादरी में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि सुपर सिटी क्षेत्र में किराये के मकान में रहने वाले कुछ लोग हिंदू परिवारों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। इस शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पादरी सुमित मैसी, उसके भाई अमित उर्फ अक्षय मैसी और उसके सहयोगी सत्यपाल निवासी सनराइज कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि वे बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को ठीक होने और आर्थिक मदद का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने यह भी कबूल किया कि वे प्रार्थना सभाओं के बहाने धर्म परिवर्तन की गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुछ धार्मिक पुस्तिकाएं और धर्म परिवर्तन से जुड़ी सामग्री भी बरामद की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी धनंजय पांडे के नेतृत्व में चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज, हेड कांस्टेबल साबिर अली, पुष्पेंद्र राणा, और धनवीर सिंह की टीम शामिल रही।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और किसी भी व्यक्ति को लालच या झांसा देकर धर्म परिवर्तन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि यदि किसी को इस प्रकार की जानकारी मिलती है, तो तुरंत सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है और प्रशासन से ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनी रहे।