बदायूँ मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. समदर्शी ने जानकारी देते हुए बताया कि भेड़ पालन योजना (राज्य योजना) के अंतर्गत जनपद बदायूँ में पात्र लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह योजना राज्यांश 90% एवं लाभार्थी अंश 10% के आधार पर संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 05 मेड इकाइयों का गठन किया जाएगा। प्रत्येक इकाई में 20 मादा और 01 नर भेड़ शामिल होंगी।
अधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित करना, बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता जनपद बदायूँ का स्थायी निवासी, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का, तथा लघु, सीमांत या भूमिहीन कृषक होना चाहिए। आवेदक के पास भेड़ों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान होना आवश्यक है।
परंपरागत भेड़ पालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही भेड़ पालन संस्थाओं से प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को भी वरीयता दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया विभागीय पोर्टल विकसित होने तक ऑफलाइन मोड में संचालित की जा रही है।
आवेदक अपने स्वप्रमाणित प्रपत्रों के साथ आवेदन पत्र को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, बदायूँ कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक द्वारा या संबंधित विकास खंड के पशु चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से 28 अक्टूबर 2025 तक जमा कर सकते हैं।
आवेदन के साथ अभ्यर्थी को 10 प्रतिशत अंशधन (₹17,000) जमा करना आवश्यक है। उक्त राशि का विवरण प्राप्त होने के बाद ही आवेदन को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
चयनित लाभार्थी से ₹10 के स्टाम्प पेपर पर शपथपत्र लिया जाएगा, जिसमें यह उल्लेख होगा कि लाभार्थी अपनी स्थापित भेड़ इकाई को कम से कम 5 वर्षों तक संचालित करेगा।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने जिले के इच्छुक किसानों और पशुपालकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर भेड़ पालन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएँ।