राजश्री मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने सोमवार सुबह को उस समय हंगामा किया, जब उन्हें पता चला कि कॉलेज को अभी तक आईएनसी (इंडियन नर्सिंग काउंसिल) से मान्यता नहीं मिली है। छात्र-छात्राओं ने मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कॉलेज में आम आवाजाही भी बंद रही।
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छात्र-छात्राओं ने कॉलेज गेट पर किया धरना-प्रदर्शन
जनपद बरेली के फतेहगंज पश्चिमी इलाके में नेशनल हाईवे टोल प्लाजा के पास स्थित राजश्री मेडिकल कॉलेज के बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने सुबह मेन गेट बंद कर दिया और किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया। केवल गंभीर मरीजों के वाहनों को ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई। अन्य मरीजों और तीमारदारों को गेट पर ही वाहन छोड़कर पैदल अंदर जाना पड़ा।
मान्यता के बिना सौ विद्यार्थियों का लिया प्रवेश, वसूले डेढ़ करोड़
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मानरूता के बिना ही सौ विद्यार्थियों का प्रवेश लेकर उनसे डेढ़ करोड़ रुपये वसूल लिए। अगस्त माह में एडमिशन के दौरान कॉलेज प्रशासन ने उनसे कहा था कि संस्थान को आईएनसी से पूर्ण मान्यता प्राप्त है। मगर चार माह बीतने के बावजूद कॉलेज को अनुमोदन नहीं मिला। छात्रों के अनुसार, कॉलेज प्रशासन पहले 15 अक्टूबर, फिर 15 नवंबर और अब 31 दिसंबर तक मंजूरी मिलने का भरोसा दे रहा है। इसी से नाराज होकर छात्र लिखित गारंटी मांगने पर अड़ गए।
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कॉलेज ्प्रशासन से लिखित आश्वासन मांग रहे थे छात्र
प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं की मांग थी कि अगर 31 दिसंबर तक आईएनसी से अप्रूवल नहीं मिलता, तो कॉलेज उनकी डेढ़ लाख रुपये तक की फीस और जमा डॉक्यूमेंट वापस करेगा। मगर कॉलेज के चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल और नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य गौरव प्रताप सिंह ने लिखित आश्वासन देने से इनकार कर दिया। इससे छात्रों का आक्रोश और भड़क गया। उन्होंने लिखित गारंटी मिलने तक धरना-प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान कर दिया।
11 बजे शुरू हुआ धरना प्रदर्शन देर शाम तक चला
पूर्वाह्न करीब 11 बजे कॉलेज प्रशासन की ओर से एमएसडब्ल्यू पी. सिंह, प्रधानाचार्य गौरव प्रताप सिंह राठौर, मीरगंज तहसीलदार आशीष कुमार सिंह और लेखपाल आदित्य गंगवार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं को समझाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि कॉलेज ने आईएनसी के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड कर दिए हैं। तहसीलदार ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन ने ऑनलाइन आवेदन, फीस जमा रसीदें और अन्य आवश्यक दस्तावेज छात्रों को दिखाए हैं।
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प्रधानाचार्य की बात नहीं माने छात्र, जारी रहा हंगामा
प्रधानाचार्य गौरव प्रताप सिंह राठौर के अनुसार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 31 दिसंबर तक अप्रूवल मिल जाएगा। छात्रों को किसी ने गुमराह किया है, इसी गलत फहमी के कारण वे धरने पर बैठ गए हैं। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि जिन संस्थानों ने 15 दिसंबर तक डेटा अपलोड किया है, उन्हें 31 दिसंबर तक मंजूरी मिलेगी। जबकि राजश्री कॉलेज ने अप्रैल में ही अपना डेटा अपलोड कर दिया था, ऐसे में उन्हें भी समय पर अप्रूवल मिलना चाहिए।
हालांकि कॉलेज के तर्कों के बावजूद छात्र लिखित आश्वासन पर ही अड़े रहे। दिनभर चली बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकल सका और छात्रों का धरना देर शाम तक जारी रहा।