छह साल से फरार चल रहा 25 हजार का इनामी और बहुचर्चित धोखाधड़ी मामलों का शातिर आरोपी पवन शर्मा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बरेली के थाना प्रेमनगर पुलिस ने उसे मुखबिर की मदद से झूमका चौराहा क्षेत्र से सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रतिष्ठा ग्रुप और प्रेस्टीज इन्फ्रा डेवलपर्स से जुड़े करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में वर्ष 2019 से फरार था।
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जानकारी के अनुसार, प्रेस्टीज इन्फ्रा डेवलपर्स, जो बाद में प्रेस्टीजियस सहकारी आवासीय समिति लिमिटेड और प्रतिष्ठा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के नाम से संचालित हुई, ने प्रेमनगर के चौधरी काम्प्लेक्स में कार्यालय खोलकर लोगों को किस्तों पर प्लॉट देने का लालच दिया था। हजारों लोग इस झांसे में आए और कंपनी ने करोड़ों रुपये का गबन किया। इस मामले में कई आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिनमें से चार को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी पवन शर्मा लगभग छह वर्षों से फरार था।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली ने 2 दिसंबर को पवन शर्मा पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में थी और अंततः टीमें उसके ठिकानों की जानकारी जुटाकर उसे गिरफ्तार करने में सफल रहीं।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पवन ने बताया कि वह हैदराबाद में करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है। उसने कबूल किया कि वर्ष 2010-11 में कृष्णलीला कॉम्प्लेक्स, प्रेमनगर से कंपनी संचालित कर प्लॉट दिलाने के नाम पर भारी रकम वसूली गई थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि कंपनी के स्टाफ में उसके परिवार और रिश्तेदार शामिल थे, और पुलिस से बचने के लिए वह लगातार शहर बदलता रहता था।
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आरोपी के खिलाफ बरेली, कासगंज, खीरी, पीलीभीत, रामपुर, वाराणसी, बदायूं और शाहजहाँपुर सहित कई जिलों में कुल 12 केस दर्ज होने की पुष्टि हुई है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष प्रेमनगर प्रयागराज सिंह, उपनिरीक्षक मोहम्मद सरताज, चौकी प्रभारी कानूनगोयान उपनिरीक्षक आशीष कुमार, चौकी प्रभारी शाहबाद सहित कॉन्स्टेबल अनित और अनुराग शामिल रहे।