जनपद बरेली के भमोरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव कुड्डा स्थित गौशाला में चार गायों की मौत हो गईं। इस पर गुस्साए ग्रामीणों से मौके पर जाकर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गायों को पिछले कई दिनों से पर्याप्त चारा नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते गायों ने भूख से तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। खास बात यह कि पशुधन मंत्री के इलाके की गोशाला में चार गायों के भूख से मरने से लोगों के बीच खासी चर्चा है।
लोगों को गायों के मरने की जानकारी तब हुई जब गौशाला परिसर में मृत गायों के शव खुले पड़े मिले और कुत्ते उन्हें नोचते दिखाई दिए। यह हृदयविदारक दृश्य देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर एकत्र होकर जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना है कि सरकार गौशालाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत में गोवंश भूखे मर रहे हैं, और जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौशाला में न तो चारे की समुचित व्यवस्था है और न ही नियमित निगरानी। उनका कहना है कि यदि समय पर चारा मिलता और देखभाल होती, तो चार गायें यूं दम न तोड़तीं। स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि गौशालाओं के लिए आने वाली सरकारी धनराशि में भारी अनियमितताएं हो रही हैं, जिसका खामियाजा गोशाला में रहने वाले गोवंश को भुगतना पड़ रहा है।
गायों के मरने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने औपचारिकता निभाने के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीण दीपक श्रीवास्तव और अर्पित श्रीवास्तव ने कहा कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पशुधन मंत्री के इलाके की गोशाला में गाएं भूख से मर रही हैं तो अन्य गोशालाओं में गोवंश का क्या हाल होगा।