जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
पटियाली (कासगंज)। कोतवाली पटियाली क्षेत्र में बुधवार 25 फरवरी 2026 को एक पुराने प्रकरण में न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के आधार पर पुलिस ने भाजपा नेता नीरज किशोर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए।
बताया जाता है कि मामला वर्ष 2020 में दिए गए एक प्रार्थना पत्र से जुड़ा है। यह प्रार्थना पत्र भाजपा से जुड़े सभासद वीरेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा अपर मुख्य सचिव (गृह), उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को भेजा गया था। पत्र में आरोप लगाया गया था कि 1 अक्टूबर 2020 को हाथरस की घटना को लेकर बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित कर भड़काऊ भाषण दिया गया, जिसमें पुलिस प्रशासन और प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि आरोपी के विरुद्ध कोतवाली पटियाली में हिस्ट्रीशीट दर्ज है तथा शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के बाद भी लाइसेंस जमा न कराने का आरोप है। उक्त शिकायत एनसीआरबी के एकीकृत जांच फार्म-1 के संदर्भ में भी प्रेषित की गई थी। इसी प्रकरण में न्यायालय द्वारा जारी एनबीडब्ल्यू के अनुपालन में पुलिस ने 25 फरवरी 2026 को नीरज किशोर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
इधर, मामले का एक अहम कानूनी पक्ष भी सामने आया है। हाथरस सामूहिक दुराचार की घटना के विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी शीर्ष नेतृत्व पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में गिरफ्तारी पर पूर्व में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ द्वारा कासगंज निवासी नीरज किशोर मिश्रा की याचिका पर पारित किया गया था।
न्यायालय में सरकार की ओर से कहा गया था कि याची हिस्ट्रीशीटर है और उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। साथ ही 11 दिसंबर को पटियाली थाने में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी भी प्रस्तुत की गई थी।
वर्तमान गिरफ्तारी को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी पर कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताया। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एएसपी सुशील कुमार, सीओ संदीप वर्मा एवं एसडीएम प्रदीप विमल ने जिलाध्यक्ष को बहुत समझाया लेकिन वह नही माने और धरना लगातार जारी है।
वहीं कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी का कहना है कि गिरफ्तारी न्यायालय से जारी एनबीडब्ल्यू के आधार पर की गई है और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई गई है। प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।