दातागंज क्षेत्र के ग्राम सैंजनी स्थित HPCL प्लांट में 12 मार्च को हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के बाद प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी अजय प्रताप और उसके परिवार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। ताजा कार्रवाई के तहत प्रशासन ने आरोपी की मां और गांव की कोटेदार किरण देवी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पूर्ति विभाग द्वारा की गई गहन जांच में किरण देवी की राशन दुकान पर भारी अनियमितताएं सामने आईं। जांच टीम को मौके पर गेहूं, चावल और बाजरा का स्टॉक रिकॉर्ड से काफी कम मिला, जिससे खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में ही हेराफेरी के संकेत मिलने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से दुकान को निलंबित कर दिया और कोटेदार को नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी।
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इसी रिपोर्ट के आधार पर मुसाझाग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस कार्रवाई का असर गरीब उपभोक्ताओं पर न पड़े। इसके लिए सैंजनी गांव की निलंबित राशन दुकान को पास के भगौतीपुर गांव के कोटेदार बाबूराम से संबद्ध कर दिया गया है, ताकि पात्र लोगों को समय पर राशन मिलता रहे।
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इस पूरे मामले में अब प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत तेजी से कार्रवाई हो रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी अनियमितताएं पहले क्यों नहीं दिखीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से गड़बड़ियां चल रही थीं, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने ध्यान नहीं दिया।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता और दातागंज की छवि पर यह दाग नहीं लगता। फिलहाल प्रशासन एक्शन मोड में है, लेकिन यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।