Thursday, April 23, 2026

KASGANJ :गड्ढे में मछली पकड़कर सड़क, जल सत्याग्रह कर पुलिया… अब स्मार्ट मीटर के खिलाफ जमीन पर बैठे सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता, विभाग में मचा हड़कंप

लेखक: udit kumar | Category: उत्तर प्रदेश | Published: April 23, 2026

KASGANJ :गड्ढे में मछली पकड़कर सड़क, जल सत्याग्रह कर पुलिया… अब स्मार्ट मीटर के खिलाफ जमीन पर बैठे सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता, विभाग में मचा हड़कंप

जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)

अपने अनोखे अंदाज के विरोध प्रदर्शनों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कभी सड़क निर्माण की मांग को लेकर गड्ढे में मछली पकड़कर विरोध प्रदर्शन, कभी बाढ़ में टूटी पुलिया के निर्माण को लेकर जल सत्याग्रह और अब बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ जमीन पर बैठ धरना-प्रदर्शन कर उन्होंने एक बार फिर जनता की आवाज बुलंद की है।


इस बार सपा नेता अब्दुल हफीज गांधी ने गंजडुंडवारा क्षेत्र के सुजावलपुर बिजलीघर पर क्षेत्रीय नागरिकों, महिलाओं और कार्यकर्ताओं के साथ जोरदार धरना-प्रदर्शन कर स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। धरना-प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और स्मार्ट मीटर को प्रीपेड से पोस्टपेड करने की मांग उठाई गई।


धरना स्थल पर उपभोक्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली व्यवस्था “स्मार्ट” होने के बजाय और ज्यादा बदहाल हो गई है। बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बिजली काट दी जाती है और भुगतान करने के कई घंटे बाद तक आपूर्ति बहाल नहीं होती। बिजली विभाग बिजली काटने से पहले उपभोक्ताओं को SMS तक नहीं भेजता, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि “स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता का शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है। अधिकांश उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर लगाए गए और जबरन प्रीपेड प्रणाली लागू कर दी गई। बैलेंस समाप्त होते ही बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है, भुगतान के बाद भी कई घंटे तक बिजली बहाल नहीं होती और कई जगह गलत एवं अत्यधिक बिलिंग की शिकायतें मिल रही हैं।”

उन्होंने कहा कि मीटरों में तकनीकी खराबियां और नेटवर्क की समस्याएं भी आम हो गई हैं, जिससे रीडिंग व बिलिंग प्रभावित हो रही है। ग्रामीण और गरीब उपभोक्ताओं के लिए बार-बार रीचार्ज कराना कठिन है और उन्हें वास्तविक खपत की स्पष्ट जानकारी भी नहीं मिल पाती। शिकायत निस्तारण में देरी से लोग और ज्यादा परेशान हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बीमारी, बुजुर्गों और छात्रों की स्थिति में भी बिना चेतावनी बिजली काट दी जाती है, जो अमानवीय है। प्रदेश सरकार को तत्काल आदेश जारी कर सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड किया जाए और पुरानी पारंपरिक मीटर व्यवस्था बहाल की जाए।

वहीं मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव राशिद अली ने बिजली विभाग की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंजडुंडवारा क्षेत्र में करीब 40 हजार बिजली कनेक्शन हैं, लेकिन बिल जमा करने के लिए केवल एक काउंटर है। इससे लोगों को घंटों तेज धूप में लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि बिजली बिल जमा करने के लिए अधिक काउंटर स्थापित किए जाएं और बिजली कटौती पर नियंत्रण कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।


चौका-चूल्हा छोड़ धरने पर पहुंचीं महिलाएं

स्मार्ट मीटर के विरोध में महिलाओं का गुस्सा भी फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं घर का चौका-चूल्हा छोड़ तेज धूप में सुजावलपुर बिजलीघर पहुंचीं और धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर स्मार्ट मीटर को प्रीपेड से पोस्टपेड करने की मांग उठाई।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि बार-बार बैलेंस खत्म होने से घर का बजट बिगड़ गया है। बिना सूचना बिजली कटने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रसोई का काम, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाएं, युवा और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। अब्दुल हफीज गांधी के जमीन पर बैठ इस अनोखे विरोध प्रदर्शन की चर्चा पूरे क्षेत्र में जोरों पर है।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

धरना-प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपकर उत्तर प्रदेश में लागू स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर पूर्व की पोस्टपेड व्यवस्था बहाल करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में अब तक करीब 70 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश मीटर उपभोक्ताओं की स्पष्ट सहमति के बिना लगाए गए हैं। लोगों को यह कहकर भ्रमित किया गया कि यदि वे स्मार्ट मीटर नहीं लगवाएंगे तो भविष्य में अपने खर्च पर मीटर लगवाना पड़ेगा।

ज्ञापन में मांग की गई कि स्मार्ट मीटर योजना तत्काल वापस ली जाए, सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में बदला जाए, पुरानी पारंपरिक मीटर व्यवस्था बहाल की जाए, बिजली बिल जमा करने के लिए अधिक काउंटर स्थापित किए जाएं, नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

इस दौरान अब्दुल हफीज गांधी, मुनेंद्र शाक्य, राशिद अली, पंकज लोधी, मुशीर अहमद अंसारी, असलम अंसारी, राजू वर्मा समेत समस्त क्षेत्रीय  मौजूद रहे।

स्मार्ट मीटर के विरोध में यह आंदोलन अब गंजडुंडवारा ही नहीं बल्कि पूरे जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि सरकार और बिजली विभाग इस आंदोलन को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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