जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार जनपद के दो होनहार छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जिले का नाम रोशन किया है। इंटरमीडिएट में जहां टैक्सी चालक के बेटे शातंनु भदौरिया ने जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं हाईस्कूल में गल्ला आढ़ती के पुत्र अधीत प्रताप सिंह ने जिले में टॉप कर शानदार सफलता हासिल की है। दोनों छात्रों की उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी की लहर है।
इंटर टाँपर शांतनु
कस्बा गंजडुंडवारा के लिए उस समय गर्व का क्षण आया, जब इंटरमीडिएट परीक्षा में शातंनु भदौरिया ने प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया। सीमित संसाधनों और साधारण परिवार से आने वाले शातंनु की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। शातंनु के पिता दिल्ली में टैक्सी चालक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
शातंनु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अकबर अली मेमोरियल पब्लिक स्कूल, पिथनपुर से प्राप्त की थी, जहां उन्होंने हाईस्कूल में जनपद में आठवां स्थान हासिल किया था। इंटरमीडिएट की तैयारी के दौरान उन्होंने कस्बा गंजडुंडवारा स्थित स्कूल डॉट कॉम संस्थान से मार्गदर्शन लिया। इसके साथ ही प्रतिदिन लगभग छह घंटे नियमित अध्ययन कर अपने लक्ष्य को हासिल किया। तीन भाइयों में सबसे छोटे शातंनु का सपना यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल सेवा में जाकर समाज सेवा करना है। वे मूल रूप से गांव नगला डाल, नरथर के निवासी हैं और वर्तमान में गंजडुंडवारा में अपनी माता के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। बाबा इन्द्रपाल सिंह भदौरिया सहित अन्य स्वजनों ने मिठाई खिलाकर प्रसन्नता जताई। वहीं स्कूल प्रबंधक शाहरूख राज और अन्य अध्यापकों ने शातंनु को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। शातंनु की यह सफलता पूरे जनपद के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
हाइस्कूल टाँपर अधीत
वहीं कासगंज शहर के सूरज प्रसाद डागा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र अधीत प्रताप सिंह ने हाईस्कूल परीक्षा में जिले में टॉप कर परचम लहराया। उन्होंने 600 में से 564 अंक प्राप्त कर 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अधीत के पिता जितेंद्र सिंह सोरों ब्लॉक के बदनपुर गांव में गल्ला की आढ़त चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।
अधीत ने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षकों और माता-पिता की प्रेरणा को दिया। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करते थे और आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके परिवार में तीन बहनें पल्लवी, काजल, गौरी और एक बड़े भाई नोरव प्रताप सिंह हैं।
अधीत की इस सफलता पर स्कूल स्टाफ ने उन्हें मिठाई खिलाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दोनों छात्रों की सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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