नवाबगंज के 17 और बहेड़ी के 58 गांवों में जमीन अधिग्रहण की तैयारी
शामली-गोरखपुर ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे बरेली और पीलीभीत जिले से होकर गुजरेगा। पीलीभीत में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। अब बरेली की बहेड़ी और नवाबगंज तहसीलों के 64 गांवों में ''थ्री कैपिटल-ए'' की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस आदेश के लागू होने से एक्सप्रेस-वे के दायरे में आने वाली जमीनों की खरीद-फरोख्त और भू-परिवर्तन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नवाबगंज के 17 और बहेड़ी के 58 गांवों के लिए अधिग्रहण की कमान संभालते हुए राजस्व अभिलेख फ्रीज करने की तैयारी कर ली है, जिससे अब इन क्षेत्रों में जमीन का कोई भी नया सौदा नहीं हो सकेगा।
पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन सुगम होगा
शामली-गोरखपुर ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे की लंबाई करीब 700 किलोमीटर होगी। इस एक्सप्रेस-वे का उद्देश्य पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सड़क मार्ग से आवागमन को सुगम बनाना है। इसमें बरेली जिले के कुल 68 गांवों से होकर गुजरने वाले इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दो अलग-अलग इकाइयों को दी गई है।
नवाबगंज में अधिग्रहण कार्य बरेली एनएचएआई करेगी
नवाबगंज के 17 गांवों में अधिग्रहण का कार्य बरेली एनएचएआई देख रहा है, जबकि बहेड़ी में शेष 51 गांवों के निर्माण और अधिग्रहण की जिम्मेदारी एनएचएआई मुरादाबाद को सौंपी गई है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को कंपिटेंट एथारिटी फार लैंड एक्यूजिशन नियुक्त किया गया है, जो इस पूरी कानूनी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
पहले किसानों से आपत्तियां मांगी जाएंगी
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न के अनुसार, थ्री-ए की घोषणा भूमि अधिग्रहण की दिशा में पहला बड़ा कदम है। इसके बाद अब राजस्व विभाग के माध्यम से किसानों से आपत्तियां मांगी जाएंगी, जिनका निस्तारण करने के उपरांत ''थ्री कैपिटल-डी'' घोषित किया जाएगा।
थ्री-डी की घोषणा के बाद मुआवजा वितरण होगा
थ्री-डी की घोषणा होते ही जमीन का मालिकाना हक आधिकारिक तौर पर सरकार के पास चला जाएगा और किसानों को मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दावा किया कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से न केवल बरेली के इन 64 गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि पूरे रुहेलखंड क्षेत्र के आर्थिक विकास को नए पंख लगेंगे।