जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट कासगंज ने रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे भूमि पर खड़े 55 यूकेलिप्टस (सफेदा) के पेड़ों की अवैध कटान का खुलासा किया है। मामले में करीब 95 हजार रुपये मूल्य की 187 लकड़ी के बोट बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एक नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरपीएफ के अनुसार 28 जुलाई को सूचना मिली थी कि डीआरओ-पीटीआई रेलखंड के बीच ओएचई पोल संख्या 199/12-13 के निकट रेलवे ट्रैक के उत्तर दिशा स्थित रेलवे भूमि पर लगे यूकेलिप्टस के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया है। सूचना पर 29 जुलाई को प्रभारी निरीक्षक एवं पोस्ट कमांडर के नेतृत्व में आरपीएफ टीम ने वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (रेलपथ) और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (कार्य), फतेहगढ़ के साथ संयुक्त निरीक्षण किया।
जांच के दौरान की-मैन गैंग संख्या-38 के की-मैन नीरज पाल की लिखित तहरीर, रेलवे अधिकारियों के सीमांकन और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि हुई कि रेलवे सीमा के भीतर खड़े 55 यूकेलिप्टस के पेड़ों को धारदार आरी से काटा गया था। मौके से 187 विभिन्न आकार के लकड़ी के बोट बरामद कर उनका मापन, सूचीकरण और जब्तीकरण किया गया।
जांच में रेलवे सीमा से सटे खेत के मालिक रामफल पुत्र मटूरलाल यादव (65 वर्ष), निवासी ग्राम दिमरियाई, थाना पटियाली का नाम सामने आया। इसके आधार पर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कासगंज में रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 की धारा-3 में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार मीना कर रहे हैं।
आरपीएफ ने कहा है कि रेलवे की भूमि, वृक्ष, संरचनाएं और अन्य रेल संपत्ति राष्ट्रीय धरोहर हैं। इन्हें नुकसान पहुंचाने या अवैध रूप से कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।