बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र में जनसमस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने तहसील प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तहसील दिवस में पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे किसानों में गहरा असंतोष व्याप्त है। विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यकर्ताओं ने घुटनों के बल चलकर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
ज्ञापन में यूनियन ने कई गंभीर मुद्दे उठाए। आरोप लगाया गया कि पुलिस की कथित मिलीभगत से बंदी के बावजूद अवैध देशी शराब की बिक्री जारी है, जिससे युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ग्राम पंचायत बगरऊ में तालाब पर अवैध कब्जे की शिकायत करने वाले कार्यकर्ता पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया। वहीं, ग्राम रहपुरा जागीर में अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित भूमि (गाटा संख्या 738) पर अवैध निर्माण को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
किसानों ने विकास कार्यों की धीमी गति पर सवाल उठाते हुए मनकरी से हरदोई श्यामपुर तक प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग का कार्य शुरू न होने और अवैध खनन से सड़कों की खराब हालत को प्रमुख समस्या बताया। बिजली और कृषि से जुड़े मुद्दों में स्मार्ट मीटर हटाने की मांग के साथ-साथ गेहूं क्रय केंद्रों पर बारदाने के नाम पर किसानों को लौटाए जाने की शिकायत भी प्रमुख रही। हल्दी दाँद गांव में खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान तहसील अध्यक्ष चौधरी सुधीर बालियान, चौधरी हरवीर सिंह, जिला उपाध्यक्ष मदन लाल गंगवार, मीडिया प्रभारी विशाल पाल और जिला अध्यक्ष सोमवीर सिंह, चौधरी हरपाल सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।