बदायूँ जिले के मूसाझाग क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां एक ट्रक चालक की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक की पहचान 35 वर्षीय रमेश यादव के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का एकमात्र सहारा था।
रमेश यादव भमोरा में सरकारी नलकूप के पास बने अपने मकान में पत्नी संतोष और पांच छोटे बच्चों—क्रांति (11), शिखा (10), विकास (9), अंशिका (4) और शिवांश (3) के साथ रहते थे। वे ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। शुक्रवार सुबह वह रोज की तरह काम पर निकले थे और दातागंज से सरसों के बोरे लादकर वापस लौट रहे थे।
पत्नी संतोष के अनुसार, रमेश ने घर से निकलते समय बच्चों को प्यार करते हुए कहा था कि वह रात 12 बजे तक लौट आएंगे। बच्चे देर रात तक उनके आने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे।
विलाप करते परिजन
शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे मूसाझाग थाना क्षेत्र में रमेश का ट्रक एक ट्राले में पीछे से जा घुसा। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। संतोष पति की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गईं, जबकि बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि रमेश भूमिहीन थे और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके पिता सत्यपाल सिंह यादव के नाम पर ही थोड़ी बहुत जमीन है। रमेश के दो छोटे भाई भी अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं।
इस हादसे ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पांच मासूम बच्चों का भविष्य भी अधर में डाल दिया है।