पालिका इंजीनियर ने तैयार किया मजबूत निर्माण प्लान,दोनों ओर बनेंगे मजबूत फुटपाथ
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कस्बा गंजडुंडवारा मे वर्षों से जर्जर और बदहाल पड़ी शेरवानी स्कूल सड़क आखिरकार अब नई पहचान लेने जा रही है। क्यों कि 14 मई से इस बहुप्रतीक्षित सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। करीब 17 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी थी, लेकिन अब नगर पालिका द्वारा इसे मजबूत और आधुनिक तरीके से तैयार कराया जा रहा है।
यह सड़क नगर का मुख्य मार्ग मानी जाती है और शेरवानी स्कूल से लेकर मोहनपुर रोड तक हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। लंबे समय से सड़क पर गड्ढे, कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी हुई थी, जिससे स्कूली बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
तैयार किया गया मजबूत निर्माण प्लान
नगर पालिका द्वारा इस सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए विशेष निर्माण योजना तैयार की गई है। योजना के तहत सबसे पहले पुरानी सड़क को पूरी तरह उखाड़ा जाएगा। इसके बाद सड़क पर स्क्रेब (मलवा) डाला जाएगा और उसके ऊपर 6 इंच मोटी बड़ी गिट्टी (रोड़ी) बिछाई जाएगी।
गिट्टी डालने के बाद सड़क कूटने वाले रोलर से उसे अच्छी तरह दबाया जाएगा, ताकि पूरा बेस मजबूत बन सके। इसके बाद पूरी सड़क को एकसार किया जाएगा और फिर उस पर बजरी डाली जाएगी। अंत में सड़क पर लगभग 8 इंच मोटी आरसीसी (सीमेंटेड) सड़क डाली जाएगी, जिससे सड़क लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत बनी रहे।
दोनों ओर बनेंगे मजबूत फुटपाथ
सिर्फ सड़क ही नहीं बल्कि इसके दोनों किनारों पर मजबूत फुटपाथ भी बनाए जाएंगे। फुटपाथ निर्माण में भी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इंटरलॉकिंग लगाने से पहले नीचे स्क्रेब डाला जाएगा, फिर उसके ऊपर 6 इंच गिट्टी बिछाई जाएगी। इसके बाद रेत डालकर सतह को समतल किया जाएगा और फिर इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाई जाएंगी।
24 लाख रुपये से होगा प्रथम चरण का निर्माण
नगर पालिका द्वारा सड़क निर्माण के प्रथम चरण में फिदा हुसैन के मकान से गंगारेती के मकान के मोड़ होते हुए हबीव की दुकान से हनीफ के मकान तक सड़क बनाई जाएगी। इस हिस्से के निर्माण पर लगभग 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
धान रोपकर हुआ था अनोखा विरोध प्रदर्शन
इस सड़क की बदहाली को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने 28 जुलाई 2024 को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया था।
उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सड़क पर धान की रोपाई कर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया था। उस समय सड़क पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति इतनी खराब थी कि लोगों का निकलना मुश्किल हो गया था।
अब्दुल हफीज गांधी ने तत्कालीन अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार से सड़क को आरसीसी सड़क में परिवर्तित कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सड़क पर जलभराव के कारण शेरवानी स्कूल के छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ई-रिक्शा और टेम्पो तक कीचड़ में फंस जाते थे।
आंदोलन से निर्माण तक का सफर
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार उठाई गई आवाज, प्रदर्शन और जनदबाव के बाद आखिरकार प्रशासन को सड़क निर्माण की दिशा में कदम उठाना पड़ा। अब सड़क निर्माण शुरू होने से क्षेत्रीय लोगों में खुशी का माहौल है।
लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों और गुणवत्ता के अनुसार पूरा हुआ तो यह सड़क आने वाले कई वर्षों तक नगरवासियों को राहत देगी। वहीं स्कूली बच्चों, व्यापारियों और आसपास के ग्रामीणों को भी बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी।