उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 84 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस व्यापक तबादला सूची में कई जिलों के अपर जिलाधिकारी (ADM), नगर मजिस्ट्रेट, नगर निगम अधिकारियों, विकास प्राधिकरणों के सचिव और प्रशासनिक अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अविनाश त्रिपाठी बने बरेली के नए एडीएम एफआर
तबादला सूची में बरेली समेत कई महत्वपूर्ण जिलों का नाम शामिल है। फतेहपुर में तैनात अपर जिलाधिकारी (वि/रा) एवं एडीएम (एफ एंड आर) अविनाश त्रिपाठी को अब बरेली का नया अपर जिलाधिकारी (नगर) बनाया गया है। वहीं बरेली में तैनात एडीएम सिटी सौरभ दुबे को मुख्य राजस्व अधिकारी के रूप में बहराइच भेजा गया है। प्रशासनिक हलकों में इन तबादलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आलोक कुमार वर्मा वाराणसी के एडीएम सिटी बने
वाराणसी में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वाराणसी नगर निगम में तैनात संगम लाल को एटा का अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बनाया गया है। वहीं, वाराणसी के एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा को मुख्य राजस्व अधिकारी सुल्तानपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह प्रयागराज विकास प्राधिकरण के सचिव अजीत कुमार सिंह को मुजफ्फरनगर का अपर जिलाधिकारी (वि/रा) नियुक्त किया गया है।
गोरखपुर में कई प्रशासनिक अफसर बदले
गोरखपुर में भी प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया गया है। डॉ. वैभव शर्मा को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की जिम्मेदारी दी गई है। प्रयागराज मंडल में श्रीमती नीता को अपर आयुक्त बनाया गया है, जबकि रत्नप्रिया को सुल्तानपुर का अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नियुक्त किया गया है। नगर निगम प्रयागराज में शादाब असलम को अपर नगर आयुक्त बनाया गया है।
शुभी काकन को उप आवास आयुक्त बनाया गया
राजधानी लखनऊ में भी कई अहम पदों पर फेरबदल हुआ है। अभिनव रंजन श्रीवास्तव को नगर निगम लखनऊ का अपर नगर आयुक्त बनाया गया है। वहीं, शुभी काकन को उप आवास आयुक्त, आवास विकास परिषद की जिम्मेदारी दी गई है। कानपुर नगर के अपर जिलाधिकारी (नगर) राजेश कुमार-6 को वाराणसी भेजा गया है।
मेरठ में कुंवर वीरेन्द्र मौर्य को अपर जिलाधिकारी (वि/रा) नियुक्त किया गया है, जबकि आनंद कुमार सिंह को रामपुर भेजा गया है। इसके अलावा कई अधिकारियों को विकास प्राधिकरणों, चिकित्सा विश्वविद्यालयों और अन्य विभागों में नई तैनाती दी गई है।
सरकार की ओर से किए गए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को आगामी समय में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने, विकास परियोजनाओं की निगरानी तेज करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि नए अधिकारियों की तैनाती के बाद कई जिलों में प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और जनसमस्याओं के समाधान में भी सुधार होगा।