बुधवार को हरिद्वार में होगी अंत्येष्टि, तीन दिन का राजकीय शोक घोषित
जागरण टुडे, देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी (91) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। राज्य की राजनीति का कद्दावर और ईमानदार चेहरा रहे खंडूड़ी के निधन से प्रदेश में शोक की लहर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार में पत्नी अरूणा, एक बेटा मनीष और बेटी रितु खंडूड़ी भूषण हैं। दिवंगत खंडूड़ी की बेटी और उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से उम्र संबंधी समस्याओं से ग्रस्त थे और पिछले दिनों में कई बार अस्पताल में भर्ती हुए थे। राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना से मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए खंडूड़ी ''जनरल साहब'' के नाम से मशहूर थे और उनकी छवि एक अनुशासन प्रिय प्रशासक की थी। खंडूड़ी दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2007 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद वे मुख्यमंत्री बने। हालांकि, वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों में प्रदेश की पांचों सीटों पर पार्टी की हार का जिम्मा लेते हुए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में, वर्ष 2011 में उन्हें फिर से भाजपा ने राज्य की कमान सौंपी। खंडूड़ी केंद्रीय मंत्री भी रहे। दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री का पद संभाला। देश के चारों हिस्सों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का श्रेय उन्हें दिया जाता है।
पूर्व सीएम खंडूड़ी की अंत्येष्टि बुधवार को हरिद्वार में होगी और राज्य में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी के आकस्मिक निधन के कारण प्रदेश में 19-21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। कोई शासकीय मनोरंजन के कार्यक्रम भी आयोजित नहीं होंगे।