जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
जनपद समेत पूरे प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सूरज की तेज तपिश के चलते धरती तंदूर की तरह तप रही है। गर्म हवाओं और लू ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ऐसे हालात में बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध अधिकांश स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश घोषित कर दिया गया है, लेकिन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अब भी छात्राओं की पढ़ाई जारी है।
भीषण गर्मी के बीच विद्यालयों में रहकर पढ़ाई कर रहीं छात्राएं गर्मी का दंश झेलने को मजबूर हैं। तेज तापमान और उमस भरे मौसम में छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने चिंता जताई है।
रेनू गौड़ ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने मांग की है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को भी भीषण गर्मी से राहत देने के लिए अवकाश घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जब सामान्य विद्यालयों में तापमान को देखते हुए छुट्टियां घोषित की जा चुकी हैं, तब आवासीय विद्यालयों में रह रही बच्चियों के स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। लगातार बढ़ती गर्मी से छात्राओं में डिहाइड्रेशन, बुखार और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बना हुआ है।
राज्य महिला आयोग सदस्य ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से छुट्टी घोषित की जाए, ताकि बच्चियां भीषण गर्मी से सुरक्षित रह सकें। उनके इस पत्र के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है और अभिभावकों में भी इस मांग को लेकर समर्थन देखने को मिल रहा है।