जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद कासगंज के ग्राम नगला भम्मा के निकट १ शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर चालक की करंट लगने से मौत हो गई। ट्रैक्टर का साइलेंसर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे पूरे वाहन में करंट दौड़ गया और चालक आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रायसिंह (38) पुत्र कल्लू निवासी ग्राम चंदवा, थाना सोरों के रूप में हुई है। रायसिंह शुक्रवार सुबह करीब छह बजे घर से काम के लिए निकले थे। वह नगला भम्मा क्षेत्र में एक किसान के खेत में कंप्यूटर लेवलिंग का कार्य करने के बाद ट्रैक्टर लेकर वापस लौट रहे थे।
बताया जाता है कि सुबह करीब 10 बजे रास्ते में ट्रैक्टर का साइलेंसर सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गया। संपर्क होते ही ट्रैक्टर में तेज करंट उतर आया और चालक रायसिंह उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही क्षणों में ट्रैक्टर पर आग की लपटें उठने लगीं और रायसिंह गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली लाइन में करंट प्रवाहित होने के कारण कोई भी ट्रैक्टर के पास नहीं जा सका। बाद में ग्रामीणों ने लकड़ी और मिट्टी की सहायता से किसी तरह उन्हें ट्रैक्टर से अलग किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पीआरबी 112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक रायसिंह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। करीब 15 वर्ष पूर्व उनका विवाह हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है और वह ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में हाईटेंशन बिजली तार लंबे समय से निर्धारित ऊंचाई से नीचे लटके हुए हैं। इसकी कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते तारों को दुरुस्त कराया गया होता तो रायसिंह की जान बच सकती थी।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं ग्रामीणों ने मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।