जलभराव, बंद शौचालय, जर्जर सड़कें और ड्रेनेज व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए; नगर पालिका से स्थायी समाधान की मांग
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कस्बा गंजडुंडवारा के कादरगंज रोड स्थित तालाब भूमि के समीप प्रस्तावित 41 दुकानों के निर्माण का टेंडर निरस्त होने के बाद अब उस क्षेत्र को नगर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उपयोग में लाए जाने की मांग उठी है। समाजसेवी एवं अधिवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा को ज्ञापन सौंपकर तालाब क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने सहित नगर की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि नगर क्षेत्र लंबे समय से जलभराव, अव्यवस्थित जल निकासी, बंद पड़े सार्वजनिक शौचालयों और जर्जर सड़कों जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। बरसात के मौसम में गांधी रोड, थाना रोड, स्टेट बैंक रोड, सुदामापुरी रोड सहित कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने नगर पालिका से वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले सभी प्रमुख नालों और नालियों की व्यापक सफाई कराने, पुराने ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने तथा नगर के लिए एक स्थायी और प्रभावी जल निकासी योजना तैयार करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी सुझाव दिया गया कि जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां नालों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया जाए ताकि वर्षा जल का निर्बाध निकास हो सके।
क्षेत्र में दुकानों के बजाय बने जल निकासी व्यवस्था
ज्ञापन में कादरगंज रोड स्थित तालाब भूमि का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। अधिवक्ता गांधी ने कहा कि उक्त क्षेत्र में प्रस्तावित 41 दुकानों के निर्माण का टेंडर निरस्त हो चुका है। ऐसे में नगर पालिका को भविष्य में वहां किसी ऐसे निर्माण की योजना नहीं बनानी चाहिए जिससे प्राकृतिक जल निकासी प्रभावित हो।
उन्होंने कहा कि तालाब और उसके आसपास का क्षेत्र वर्षा जल संचयन और निकासी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि वहां बड़े पैमाने पर निर्माण कराया गया तो नगर में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसलिए उस भूमि का उपयोग नगरहित में एक प्रभावी नाले अथवा ड्रेनेज चैनल के निर्माण के लिए किया जाना चाहिए, जिससे बरसात के दौरान जल का सुरक्षित निकास सुनिश्चित हो सके।
बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय खोलने की मांग
ज्ञापन में नगर के कई सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया गया है। मोहनपुर रोड, थाना रोड जिला अस्पताल के पास, कैनाल रोड बिजलीघर के समीप, नगला भीकन स्थित पिंक शौचालय तथा कादरगंज तालाब रोड पर बने सामुदायिक शौचालयों को तत्काल संचालित कराने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालयों पर ताले लगे होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
चार प्रमुख मार्गों की हालत बताई खराब
अब्दुल हफीज गांधी ने नगर की कई प्रमुख सड़कों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बान मंडी से थाना होते हुए नगर पालिका परिषद तक, हनुमानगढ़ी से कादरगंज तिराहे तक, गनेशपुर रेलवे फाटक से कादरगंज तिराहे तक (एटा रोड) तथा नगला भीकन से कादरगंज तिराहे तक के मार्गों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन मार्गों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। बरसात के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। इसलिए नगर पालिका को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्ति और सड़क मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने नगर पालिका परिषद से सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि गंजडुंडवारा को जलभराव, गंदगी और अव्यवस्था जैसी समस्याओं से राहत मिल सके।