जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद की तहसील पटियाली क्षेत्र के कादरगंज घाट पर गुरुवार को अचानक सायरन की तेज आवाज गूंजी तो आसपास मौजूद लोगों का ध्यान नदी की ओर चला गया। देखते ही देखते पुलिस, पीएसी, अग्निशमन विभाग और बचाव दल के जवान सक्रिय हो गए। नदी में नावें उतारी गईं, लाइफ जैकेट पहने जवान रेस्क्यू अभियान में जुट गए और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का दृश्य सामने आने लगा। कुछ देर के लिए ऐसा लगा मानो क्षेत्र में सचमुच बाढ़ का संकट आ गया हो।
हालांकि बाद में पता चला कि यह किसी वास्तविक आपदा का नहीं, बल्कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज-2026 का हिस्सा था। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के निर्देश पर कादरगंज घाट को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया गया।
अभ्यास के दौरान बाढ़ में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी, राहत शिविरों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का परीक्षण किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, पीएसी, अग्निशमन विभाग, आपातकालीन सेवाएं, होमगार्ड, पीआरडी, आपदा मित्र और स्थानीय गोताखोरों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया।
नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, डूबते व्यक्तियों को बचाने की तकनीकों, लाइफ जैकेट एवं सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संचार व्यवस्था, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल की भी गहन समीक्षा की गई।
जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसी मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित बाढ़ आपदा के दौरान जन-धन की हानि को कम करना और राहत-बचाव तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाना है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह, एसडीएम पटियाली प्रदीप कुमार विमल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश चौरसिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।