मथुरा जंक्शन पर डेढ़ माह के अभियान में 387 चेन पुलर और 288 अवैध वेंडर पकड़े गए, आरपीएफ की सख्त कार्रवाई जारी
रेलवे की समयबद्धता और यात्रियों की सुरक्षा में बाधा डालने वालों पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। मथुरा जंक्शन पर चलाए गए विशेष अभियान में डेढ़ महीने के भीतर 387 लोगों के खिलाफ अनावश्यक चेन पुलिंग और 288 अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि रेल संचालन में बाधा पहुंचाने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आगरा राज मोहन पिचाई के निर्देशन और सहायक सुरक्षा आयुक्त अरुण कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में आरपीएफ मथुरा जंक्शन ने 1 मई से 15 जून तक विशेष अभियान चलाया। प्रभारी निरीक्षक उपदेश कुमार कौशिक के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में व्यापक जांच अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत बिना किसी वैध कारण के ट्रेनों की चेन खींचने वाले 387 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। अधिकारियों के अनुसार अनावश्यक चेन पुलिंग से ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था प्रभावित होती है, यात्रियों को असुविधा होती है और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
अवैध वेंडरों पर भी चला डंडा
रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों में बिना अनुमति खाद्य सामग्री बेचने वाले लोगों के खिलाफ भी आरपीएफ ने व्यापक कार्रवाई की। अभियान के दौरान रेलवे अधिनियम की धारा 144 के तहत 288 अवैध वेंडरों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। रेलवे का कहना है कि अनधिकृत विक्रेताओं से यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है, इसलिए इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
2026 में अब तक 1600 से ज्यादा कार्रवाई
आरपीएफ के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक मथुरा जंक्शन पर अवैध वेंडिंग के 629 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं ट्रेनों में अनावश्यक चेन पुलिंग करने वाले 1016 लोगों को भी रेलवे अधिनियम के तहत अभियोजित किया गया है। यह आंकड़े रेलवे नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को दर्शाते हैं।
यात्रियों से सहयोग की अपील
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान कोई व्यक्ति बिना अनुमति खाद्य सामग्री बेचता हुआ, संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त या रेलवे नियमों का उल्लंघन करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 या निकटतम आरपीएफ एवं जीआरपी अधिकारी को दें।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे परिसर में अवैध व्यापार, जबरन वसूली, भीख मांगने, संदिग्ध गतिविधियों और रेल संचालन में बाधा डालने वाले तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।