एसएसवी विश्वविद्यालय में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, मानसिक परेशानी में संवाद की अपील
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और भोर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में बढ़ते तनाव, अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति को लेकर जागरूकता बढ़ाना और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान भोर फाउंडेशन और एनएसएस के सहयोग से अनुकृति नाट्य मंच के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया गया कि असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का अवसर है। कलाकारों ने मानसिक दबाव से जूझ रहे लोगों से अकेले रहने के बजाय अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और शिक्षकों से खुलकर बात करने का संदेश दिया।
तनाव में अकेले न रहें, खुलकर करें संवाद
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और अन्य वक्ताओं ने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी दी। मनोरोग चिकित्सक अभिनव रस्तोगी ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
भोर फाउंडेशन की अध्यक्ष स्वाति सिंह ने कहा कि जीवन अनमोल है। तनाव के कठिन समय में सकारात्मक सोच, योग और संवाद व्यक्ति के लिए बड़ा सहारा बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी परेशानियों को मन में दबाकर रखने के बजाय भरोसेमंद लोगों से बातचीत करने की अपील की।
जरूरतमंद साथी की मदद का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और किसी जरूरतमंद साथी की मदद करने की शपथ भी दिलाई गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यवहार में लगातार बदलाव, अत्यधिक तनाव या भावनात्मक परेशानी दिखाई दे तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय उससे बातचीत करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
कार्यक्रम में वरिष्ठ रंगकर्मी संजीव सोनू, अभिनय कुमार, एनएसएस के स्वयंसेवक, विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिए गए संदेश ने युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने और मुश्किल परिस्थितियों में एक-दूसरे का साथ देने का संदेश दिया।