अनुशासनहीनता पर एसपी का सख्त रुख, एक ही दिन में दो पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाले मामलों पर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार देर रात को दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। एक ओर सदर विधायक से फोन पर अभद्रता करने के आरोप में इनायती पुलिस चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी जोगेंद्र सिंह को निलंबित किया गया, वहीं यूपी-112 में तैनात मुख्य आरक्षी अश्वनी कुमार को भी ड्यूटी में लापरवाही और अपेक्षित आचरण न करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
सदर विधायक से अभद्रता पड़ी भारी
जानकारी के अनुसार ढोलना थाना क्षेत्र के गांव महेबा निवासी एक किसान अपनी समस्या लेकर सदर विधायक देवेंद्र राजपूत के पास पहुंचा था। पीड़ित की शिकायत पर जानकारी लेने के लिए विधायक ने इनायती पुलिस चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी जोगेंद्र सिंह को फोन किया। आरोप है कि विधायक द्वारा अपना परिचय देने के बावजूद मुख्य आरक्षी ने बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से मुख्य आरक्षी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए। निलंबन अवधि में उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल और विभागीय अनुशासन की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर यूपी-112 जवान भी सस्पेंड
इसी क्रम में यूपी-112 में तैनात मुख्य आरक्षी अश्वनी कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मु0आ0 207 अश्वनी कुमार द्वारा ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने तथा अपेक्षित आचरण नहीं करने के कारण पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
हालांकि विभाग की ओर से लापरवाही के स्वरूप का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एसपी के एक्शन की पुलिस महकमे में चर्चा
एक ही दिन में दो पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। एसपी की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही, अनुशासनहीनता और अनुचित व्यवहार करने वाले कर्मियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।