नगर रक्षा, सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना के साथ गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। कस्बा स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवान शिव के परम प्रिय आयुध विजय त्रिशूल की प्रतिष्ठा को लेकर चल रहा धार्मिक अनुष्ठान गुरुवार को पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और भक्तिमय वातावरण के बीच विजय त्रिशूल को उत्तराखंड के पौराणिक जागेश्वर धाम में प्रतिष्ठा के लिए श्रद्धापूर्वक रवाना किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान नगर रक्षा, सुख-समृद्धि, जनकल्याण एवं विश्व शांति की कामना को लेकर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरुवार प्रातः 51 दंपतियों ने पार्थिव शिवलिंग का विधिवत पूजन एवं अभिषेक किया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने विजय त्रिशूल का महाअभिषेक कर भगवान शिव से नगर और समाज के मंगल की प्रार्थना की।
आयोजकों के अनुसार भारतीय इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है, जब किसी नगर की ओर से भगवान महादेव को विजय त्रिशूल भेंट किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य संकल्पकर्ता आनंद मोहन ने बताया कि इस अनुष्ठान की प्रेरणा उन्हें एक संत के माध्यम से प्राप्त हुई थी। इसके बाद नगरवासियों के सहयोग, आस्था और समर्पण से यह धार्मिक अभियान निरंतर आगे बढ़ता गया।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि भगवान शिव की प्रेरणा और कृपा से संपन्न हुआ है। शिवभक्तों के सामूहिक प्रयास से यह धार्मिक संकल्प साकार हो सका है।
पूर्ण आहुति के बाद श्रद्धालुओं ने विजय त्रिशूल की विधिवत पूजा-अर्चना कर उसे जागेश्वर धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर सर्व समाज के गणमान्य नागरिक, धर्मप्रेमी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन के समापन पर भक्तों ने भगवान शिव से नगर एवं देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।